ईरान के नए सुप्रीम लीडर आते ही ऐक्शन में, पहली मिसाइल इजरायल पर दाग दी

Mar 09, 2026 07:10 am ISTNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
share

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई, ने 37 वर्षों तक शासन किया था और वह 28 फरवरी को तेहरान में एक अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए थे। उनके निधन के एक सप्ताह के बाद भी ईरान उनकी जगह किसी को नेता चुन नहीं सका और इसके बजाए देश की कमान एक तीन सदस्यीय समिति को सौंप दी गई थी।

ईरान के नए सुप्रीम लीडर आते ही ऐक्शन में, पहली मिसाइल इजरायल पर दाग दी

ईरान के नए सुप्रीम लीडर के तौर पर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने कमान संभाल ली है। उनकी नियुक्ति के बाद ईरान ने सबसे पहली मिसाइल इजरायल पर दागी है। खास बात है कि इजरायल और अमेरिका दोनों ने ही नए सुप्रीम लीडर के नाम के ऐलान से पहले धमकियां जारी की थीं। मोजतबा ईरान के दिवंगत पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के बेटे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति के बाद पहला हमला इजरायल पर किया। IRIB ने लिखा, 'ईरान ने अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामनेई की अगुवाई में मिसाइलों की पहली लहर कब्जे वाले इलाकों में छोड़ी हैं।' साथ ही मिसाइल अटैक की तस्वीर भी पोस्ट की गई है।

इजरायल ने दी थी धमकी

खबरें हैं कि कुछ समय पहले ही इजरायल की सेना ने चेतावनी दी है कि वह ईरान के मारे गए सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के हर संभावित उत्तराधिकारी का पीछा करेगी। इजरायली सेना ने एक्स पर फारसी भाषा में पोस्ट कर कहा कि जो भी व्यक्ति खामेनेई का उत्तराधिकारी बनने की कोशिश करेगा या नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति की प्रक्रिया में शामिल होगा। उसे भी निशाना बनाया जाएगा। यह चेतावनी ऐसे समय आई थी, जब ईरान की धार्मिक संस्था एसेंबली एक्सपर्ट देश के अगले सर्वोच्च नेता के चयन के लिए बैठक करने जा रही थी।

अमेरिका बना रहा नया यूरेनियम प्लान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कथित तौर पर ईरान के यूरेनियम को कब्जे में लेने के लिए विशेष सैन्य अभियान (स्पेशल ऑपरेशन) के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस योजना के बारे में तीन राजनयिक अधिकारियों को जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार इस विकल्प के तहत अमेरिका ईरान में जमीनी स्तर पर स्पेशल फोर्सेस तैनात कर सकता है, जिनका उद्देश्य वहां मौजूद लगभग बम-स्तर के समृद्ध यूरेनियम को अपने नियंत्रण में लेना होगा।

तीन सदस्यीय समिति संभाल रही थी काम

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई, ने 37 वर्षों तक शासन किया था और वह 28 फरवरी को तेहरान में एक अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए थे। उनके निधन के एक सप्ताह के बाद भी ईरान उनकी जगह किसी को नेता चुन नहीं सका और इसके बजाए देश की कमान एक तीन सदस्यीय समिति को सौंप दी गई थी। इस देरी के कारण ईरान के कुछ समूहों में असंतोष भी उपज रहा था।

इन लोगों का मानना है कि नेतृत्व के नाम पर एक चेहरा अवश्य होना चाहिए। विशेषकर युद्ध के हालात में फौज का मनोबल बनाए रखने के लिए ऐसा करना जरूरी है।

Nisarg Dixit

लेखक के बारे में

Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।