आपकी सेवा में मोजतबा... इजरायल दागी जाने वाली मिसाइल पर नए सुप्रीम लीडर ने क्यों लिखा?

Mar 10, 2026 07:30 pm ISTPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, तेहरान
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मिसाइल पर मोजतबा के सिग्नेचर वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। यह कदम मोजतबा खामेनेई के सत्ता में आते ही ईरान की आक्रामक सैन्य नीति का संकेत माना जा रहा है।

आपकी सेवा में मोजतबा... इजरायल दागी जाने वाली मिसाइल पर नए सुप्रीम लीडर ने क्यों लिखा?

अमेरिका और ईरान से जंग के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने सत्ता संभालने के कुछ ही घंटों बाद इज़रायल के खिलाफ सख्त संदेश दिया है। मोजतबा ने इजरायल पर दागी जाने वाली मिसाइल पर दस्तखत किए हैं और उस पर लिखा है- आपकी सेवा में मोजतबा... द इंडिपेंडेट की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के सरकारी प्रसारक Islamic Republic of Iran Broadcasting (IRIB) के टेलीग्राम चैनल पर एक तस्वीर जारी की गई, जिसमें इज़रायल की ओर दागी जाने वाली मिसाइल पर फारसी में लिखा था — “At your service, Sayyid Mojtaba” यानी आपकी सेवा में सैय्यद मोजतबा।

मिसाइल पर मोजतबा के सिग्नेचर वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। यह कदम मोजतबा खामेनेई के सत्ता में आते ही ईरान की आक्रामक सैन्य नीति का संकेत माना जा रहा है। मोजतबा खामेनेई को रविवार को ईरान का सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया था। यह पद उन्हें उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मिला, जिनकी 28 फरवरी को इजरायल-अमेरिका के हवाई हमले में मौत हो गई थी। ईरान की शक्तिशाली सैन्य संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) और देश की धार्मिक परिषद Assembly of Experts ने नए नेता के प्रति निष्ठा की घोषणा कर दी है।

अमेरिका और इजरायल की कड़ी प्रतिक्रिया

इस नियुक्ति पर अमेरिकी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान का नया नेता उनकी मंजूरी के बिना चुना गया है तो वह लंबे समय तक टिक नहीं पाएगा और पहले ही मोजतबा को “अस्वीकार्य उम्मीदवार” बताया था। इधर इज़रायल ने भी चेतावनी दी थी कि ईरान का नया नेता चाहे जो भी बने, उसे निशाना बनाया जा सकता है। हाल के दिनों में इज़रायल ने ईरान के तेल और ऊर्जा ढांचे पर कई हमले किए हैं, जिससे राजधानी तेहरान के ऊपर काला धुआं छा गया।

एसिड बारिश की रिपोर्ट से चिंता

हमलों के बाद ईरान के कुछ हिस्सों में तेल से दूषित काली बारिश होने की खबरें सामने आई हैं। ईरान की राहत संस्था Iranian Red Crescent Society ने चेतावनी दी है कि यह बारिश अत्यधिक अम्लीय हो सकती है और इससे लोगों को सिरदर्द तथा सांस संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत के अनुसार अमेरिकी-इज़रायली हमलों में अब तक 1,332 से अधिक ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग घायल हुए हैं।

युद्ध और तेज होने के संकेत

विश्लेषकों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई द्वारा मिसाइल पर संदेश लिखकर जारी की गई तस्वीर एक प्रतीकात्मक लेकिन शक्तिशाली राजनीतिक संदेश है। इससे संकेत मिलता है कि ईरान की नई नेतृत्व व्यवस्था युद्ध से पीछे हटने के बजाय और कठोर रुख अपना सकती है। इस घटनाक्रम ने पहले से ही तनावपूर्ण मध्य-पूर्व क्षेत्र में संघर्ष के और तेज होने की आशंका बढ़ा दी है।

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लेखक के बारे में

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प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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