देख ले अमेरिका, हम पीछे नहीं हटते; ईरान ने तैनात कर दी 'खोर्रमशहर-4’, बताया इरादा

Feb 06, 2026 05:51 pm ISTJagriti Kumari वार्ता, तेहरान
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रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के राजनीतिक मामलों के उप कमांडर ब्रिगेडियर जनरल यदोल्लाह जावानी ने कहा है कि मिसाइल की तैनाती अमेरिका को यह संदेश देने के लिए है की गई है कि ईरान अपनी रक्षा क्षमताओं से पीछे हटने का इरादा नहीं रखता।

देख ले अमेरिका, हम पीछे नहीं हटते; ईरान ने तैनात कर दी 'खोर्रमशहर-4’, बताया इरादा

US-Iran Tension: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। शुक्रवार को ओमन की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच होने वाली वार्ता से पहले ईरान के एक और कदम से अमेरिका भड़क सकता है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने शुक्रवार को बैलिस्टिक मिसाइल 'खोर्रमशहर-4' को एक सैन्य अड्डे पर तैनात कर दिया है। ईरान की सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी ने गुरुवार को यह जानकारी दी है।

आईआरजीसी के राजनीतिक मामलों के उप कमांडर ब्रिगेडियर जनरल यदोल्लाह जावानी ने कहा है कि मिसाइल का प्रदर्शन अमेरिका को यह संदेश देने के लिए था कि ईरान अपनी रक्षा क्षमताओं से पीछे हटने का इरादा नहीं रखता। अल मायादीन से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा और युद्ध नहीं चाहता लेकिन अगर दुश्मन कोई गलती करता है तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा।"

खोर्रमशहर-4 मचा सकती है तबाही

रिपोर्ट के मुताबिक यह मिसाइल आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स द्वारा संचालित एक नए सैन्य स्थल के उद्घाटन के दौरान प्रदर्शित की गई। इसकी तैनाती को ईरान की रक्षा नीति में औपचारिक रूप से शामिल किए जाने का संकेत माना जा रहा है। प्रेस टीवी के मुताबिक, 'खोर्रमशहर-4' की मारक क्षमता 2,000 किलोमीटर है और यह 1,500 किलोग्राम तक का वारहेड ले जाने में सक्षम है।

मस्कट में होगी बातचीत

उप कमांडर जावानी ने यह भी कहा कि ईरानी राजनयिक ओमान में अमेरिका के साथ होने वाली आगामी वार्ता में पूर्ण आत्मविश्वास के साथ शामिल होंगे। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार को परमाणु वार्ता के लिए ओमान की राजधानी मस्कट पहुंचे हैं।

गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच कई दौर की बातचीत पिछले साल जून में उस समय विफल हो गई थी, जब इजराइल ने तेहरान पर हमला कर दिया था। दोनों देशों के बीच 12 दिनों तक चले युद्ध के दौरान अमेरिका ने भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर बम बरसाए थे, जिससे यूरेनियम संवर्द्धन के काम में जुटे कई सेंट्रीफ्यूज संभवत: नष्ट हो गए थे। वहीं, इजराइली हमलों में ईरान की वायु रक्षा प्रणाली और बैलिस्टिक मिसाइल भंडार को निशाना बनाया गया था।

Jagriti Kumari

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Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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