होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वालों से कैश में नहीं, बल्कि ऐसे वसूली करेगा ईरान, बना लिया पूरा प्लान

Apr 08, 2026 08:24 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, तेहरान
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ईरान-अमेरिका के बीच दो हफ्तों के लिए सीजफायर पर सहमति बनी है। ईरान होर्मुज स्ट्रेट से टोल वसूल करके जहाजों को जाने देगा। उसने प्लान तैयार किया है कि वह क्रिप्टोकरेंसी में वसूली करेगा।

होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वालों से कैश में नहीं, बल्कि ऐसे वसूली करेगा ईरान, बना लिया पूरा प्लान

Strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट में एक महीने से चल रहे ईरान-अमेरिका के बीच जंग में बुधवार से थोड़ी शांति आई है। पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद ईरान-अमेरिका में दो हफ्ते के लिए सीजफायर पर सहमति बन गई है। इससे होर्मुज स्ट्रेट से तेल के जहाज भी पार हो सकेंगे। हालांकि, इस पर ईरान ने टोल वसूलने की शर्त रखी है। फाइनेंशियल टाइम्स (एफटी) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान यह मांग करेगा कि शिपिंग कंपनियां होर्मुज से गुजरने वाले तेल जहाजों के लिए टोल का भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में करें। तेहरान ने टोल वसूली करने के लिए पूरा प्लान बना लिया है। वह जहाजों से कैश नहीं, बल्कि क्रिप्टोकरेंसी लेगा।

ईरान के तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल उत्पाद निर्यातकों के संघ के प्रवक्ता हामिद हुसैनी ने बुधवार को एफटी को बताया कि ईरान वहां से गुजरने वाले किसी भी टैंकर से टोल शुल्क वसूलना चाहता है और हर जहाज का आकलन करना चाहता है। उन्होंने आगे कहा, ''ईरान को इस बात पर नजर रखने की जरूरत है कि होर्मुज से क्या अंदर आ रहा है और क्या बाहर जा रहा है, ताकि यह पक्का हो सके कि इन दो हफ्तों का इस्तेमाल हथियारों की हेराफेरी के लिए न हो। सब कुछ यहां से गुजर सकता है, लेकिन हर जहाज के लिए इस प्रक्रिया में समय लगेगा, और ईरान को कोई जल्दी नहीं है।'' होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की शर्तों पर फैसले ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल लेती है।

हुसैनी की बातों से प्रतीत होता है कि ईरान किसी भी टैंकर से अपने तट के करीब उत्तरी रास्ते का इस्तेमाल करने को कहेगा, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या पश्चिमी या खाड़ी देशों से जुड़े जहाज इस जोखिम भरे सफर के लिए तैयार होंगे। हुसैनी ने कहा कि हर टैंकर को अपने माल के बारे में अधिकारियों को ईमेल करना होगा, जिसके बाद ईरान उन्हें बताएगा कि डिजिटल करेंसी में कितना टोल देना है। उन्होंने बताया कि यह शुल्क तेल के हर बैरल पर एक डॉलर है, और यह भी जोड़ा कि खाली टैंकर बिना किसी रोक-टोक के गुजर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही ईमेल आता है और ईरान अपनी जांच पूरी कर लेता है, जहाजों को बिटकॉइन में पेमेंट करने के लिए कुछ सेकंड का समय दिया जाएगा, ताकि यह पक्का हो सके कि प्रतिबंधों की वजह से उन्हें ट्रैक या जब्त न किया जा सके।

युद्धविराम के बाद होर्मुज से दो जहाज गुजरे

ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम समझौते के तहत होर्मुज को खोलने को बाद बुधवार को दो जहाजों ने होर्मुज को पार किया। समुद्री ट्रैकिंग फर्म 'मरीनट्रैफिक' ने बताया कि ग्रीक स्वामित्व वाले बल्क कैरियर 'एनजे अर्थ' ने दोपहर में और लाइबेरिया के झंडे वाले 'डेटोना बीच' ने उससे पहले इस जलमार्ग को पार किया। ईरान और अमेरिका दोनों ही इस होर्मुज के माध्यम से जहाजों की आवाजाही को सुगम बनाने पर सहमत हुए हैं, जिससे फारस की खाड़ी में फंसे 800 से अधिक जहाजों के सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता साफ हो गया है। डेनमार्क की बड़ी शिपिंग कंपनी मेर्स्क ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए कहा कि वह होर्मुज से आवाजाही के लिए सतर्क रुख अपनाएगी। कंपनी ने एक बयान में कहा कि फिलहाल वे अपनी सेवाओं में कोई बदलाव नहीं कर रहे हैं और भविष्य का कोई भी फैसला सुरक्षा स्थिति की निरंतर निगरानी और संबंधित अधिकारियों के मार्गदर्शन पर आधारित होगा।

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Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
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वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।

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