ईरान ने खामेनेई के बाद चुन लिया अगला सुप्रीम लीडर, ट्रंप बोले- ज्यादा दिन टिकेगा नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो टूक कहा है कि ईरान का अगला सुप्रीम लीडर ज्यादा दिन टिकेगा नहीं। ट्रंप ने मांग की थी कि अगले सुप्रीम लीडर के चयन में उन्हें भी शामिल किया जाए, लेकिन ईरान ने ऐसा करने से मना कर दिया था।

ईरान ने रविवार को अगले सुप्रीम लीडर के नाम पर फैसला कर लिया। हालांकि, नाम की घोषणा अभी नहीं की गई है। आने वाले दिनों में नाम जारी किया जाएगा। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो टूक कहा है कि ईरान का अगला सुप्रीम लीडर ज्यादा दिन टिकेगा नहीं। ट्रंप ने मांग की थी कि अगले सुप्रीम लीडर के चयन में उन्हें भी शामिल किया जाए, लेकिन ईरान ने ऐसा करने से मना कर दिया था।
ईरान के अगले लीडर का ज़िक्र करते हुए ट्रंप ने रविवार को ABC न्यूज से कहा, "उन्हें हमसे मंजूरी लेनी होगी। अगर उन्हें हमसे मंज़ूरी नहीं मिली तो वे ज्यादा दिन नहीं टिक पाएंगे।" तेहरान के टॉप डिप्लोमैट ने दिन में पहले कहा था कि यह फैसला सिर्फ ईरान का है, और कहा कि इससे किसी को भी हमारे घरेलू मामलों में दखल देने की इजाजत नहीं मिलेगी। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मांग की कि ट्रंप बढ़ते युद्ध के लिए इलाके के लोगों से माफी मांगें।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद खाली हुए पद को भरने के लिए 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' (विशेषज्ञों की परिषद) ने नए उत्तराधिकारी के नाम पर सहमति बना ली है। ईरानी समाचार एजेंसी 'फार्स' के अनुसार, परिषद के सदस्य अयातुल्ला मोहम्मद मेहदी मीरबागेरी ने पुष्टि की है कि नेतृत्व निर्धारित करने के लिए 'बड़े प्रयास' किए गए हैं और एक 'निर्णायक और सर्वसम्मत राय' बन चुकी है। हालांकि, सुरक्षा कारणों और कठिन परिस्थितियों का हवाला देते हुए अभी तक नए नेता के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। परिषद के एक अन्य सदस्य हुज्जतुल इस्लाम जाफरी ने कहा कि तीसरे सर्वोच्च नेता के चयन में देरी सभी के लिए अनपेक्षित है, लेकिन जल्द ही परिणाम सामने आएंगे। गौरतलब है कि 88 सदस्यीय यह परिषद ही ईरान के सर्वोच्च नेता को चुनने के लिए संवैधानिक रूप से अधिकृत है।
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई, ने 37 वर्षों तक शासन किया था और वह 28 फरवरी को तेहरान में एक अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए थे। उनके निधन के एक सप्ताह के बाद भी ईरान उनकी जगह किसी को नेता चुन नहीं सका और इसके बजाए देश की कमान एक तीन सदस्यीय समिति को सौंप दी गयी थी। इस देरी के कारण ईरान के कुछ समूहों में असंतोष भी उपज रहा था। इन लोगों का मानना है कि नेतृत्व के नाम पर एक चेहरा अवश्य होना चाहिए। विशेषकर युद्ध के हालात में फौज का मनोबल बनाए रखने के लिए ऐसा करना जरूरी है।
दूसरी ओर, इजरायल ने ईरान के संभावित नए सर्वोच्च नेता और उनके चयन में शामिल लोगों को सीधी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि इजरायल का 'लंबा हाथ' खामेनेई के उत्तराधिकारी और उसे नियुक्त करने वाले किसी भी व्यक्ति का पीछा करना जारी रखेगा। आईडीएफ ने चेतावनी देते हुए कहा, "हम आपको निशाना बनाने में संकोच नहीं करेंगे। इसे अपने लिए चेतावनी समझें।"
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