खामेनेई की मौत का बदला लेने उतरा ईरान, खाड़ी देशों में किया धुआं; इजरायल में भी धमाका

Mar 02, 2026 06:23 am ISTNisarg Dixit भाषा
share Share
Follow Us on

ईरान ने खामनेई की मौत का बदला लेने का संकल्प लिया ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने रविवार को टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में कहा, 'आपने हमारी लक्ष्मण रेखा पार कर ली है और आपको इसकी कीमत चुकानी होगी।'

खामेनेई की मौत का बदला लेने उतरा ईरान, खाड़ी देशों में किया धुआं; इजरायल में भी धमाका

ईरान ने इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने का रविवार को संकल्प लिया। वहीं, ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तहत अमेरिका के खाड़ी देशों मे मौजूद ठिकानों और इजरायल को अपने ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की। अमेरिका और इजरायल ने भी रविवार को भी बमबारी जारी रखी।

200 से ज्यादा लोगों की मौत

ईरान की राजधानी तेहरान में हुए धमाकों से आसमान में धुएं का विशाल गुबार उठता दिखा, खासकर उस इलाके में जहां सरकारी इमारतें स्थित हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं की हत्या करने वाले अमेरिकी और इजरायली हमलों की शुरुआत से अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

इजरायल पर दागी मिसाइलें

इससे पहले, ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल और खाड़ी अरब देशों में स्थित वृहद लक्ष्यों पर मिसाइलें दागीं, जबकि इजरायल ने ईरान के नेताओं और सेना के खिलाफ 'लगातार' हमले करने का संकल्प लिया।

इजरायल में, मिसाइल हमलों या उन्हें रोके जाने के कारण हुए जोरदार धमाकों की आवाजें तेल अवीव में सुनने को मिलीं। इजरायल की बचाव सेवाओं ने बताया कि मध्य शहर बेत शेमेश में एक यहूदी प्रार्थना स्थल पर हुए हमले में आठ लोग मारे गए और 28 घायल हो गए, जिससे देश में मरने वालों की कुल संख्या 10 हो गई है।

अमेरिका के 3 सैनिक मारे गए

अमेरिकी सेना ने रविवार को पुष्टि कि अभियान शुरू होने के बाद से उसके तीन सैनिक मारे गए हैं और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ये लड़ाई में मारे गए पहले ज्ञात अमेरिकी सैनिक हैं।

इरान की कमान किसके पास

इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सरकारी टेलीविजन चैनल पर प्रसारित एक पूर्व-रिकॉर्डिड संदेश में कहा कि एक नई नेतृत्व परिषद ने अपना काम शुरू कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि नए सर्वोच्च नेता का चुनाव 'एक . दो दिन' में किया जाएगा।

इन हमलों और जवाबी हमलों, खामेनेई के मारे जाने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दशकों पुराने इस्लामी गणराज्य को उखाड़ फेंकने के आह्वान से एक लंबे संघर्ष की आशंका बढ़ गई है जिसकी चपेट में पूरा मध्य एशिया आ सकता है।

ईरान के खिलाफ दूसरा ऑपरेशन

पिछले आठ महीनों में यह दूसरी बार है जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त रूप से सैन्य अभियान शुरू किया है। अमेरिका राष्ट्रपति द्वारा सैन्य शक्ति का प्रदर्शन चौंकाने वाला है क्योंकि वह 'अमेरिका फर्स्ट' के नारे के साथ सत्ता में आए थे और 'अनंत युद्धों' से दूर रहने का संकल्प लिया था।

पिछले साल जून में चले 12 दिनों के युद्ध में, इजरायल और अमेरिका के हमलों ने ईरान की हवाई सुरक्षा, सैन्य नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को काफी कमजोर कर दिया था। लेकिन तीन दशकों से अधिक समय तक ईरान पर शासन करने वाले खामेनेई के मारे जाने से नेतृत्व में शून्यता पैदा हो गयी है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है।

सुप्रीम लीडर की मौत का बदला लेने की कसम खाई

ईरान ने खामनेई की मौत का बदला लेने का संकल्प लिया ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने रविवार को टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में कहा, 'आपने हमारी लक्ष्मण रेखा पार कर ली है और आपको इसकी कीमत चुकानी होगी।' उन्होंने कहा, 'हम आप पर ऐसे विनाशकारी प्रहार करेंगे कि आप स्वयं जान की भीख मांगने पर मजबूर हो जाएंगे।'

ट्रंप का पलटवार

ट्रंप ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की जवाबी कार्रवाई से स्थिति और बिगड़ जाएगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर कहा, 'उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।अगर उन्होंने ऐसा किया, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा!'

इस हमले से क्षेत्रीय अशांति भड़कने की आशंका का संकेत तब मिला जब रविवार को सैकड़ों लोगों ने पाकिस्तान के कराची शहर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर धावा बोल दिया। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले दागे। अधिकारियों के अनुसार, इस झड़प में कम से कम नौ लोग मारे गए।

ईरान के जवाबी हमले

ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमले किए हैं। अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले के जवाब में ईरान ने अमेरिकी सेनाओं के खाड़ी देशों में स्थित ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन हमलों से जवाबी कार्रवाई की।

हवाई युद्ध से वैश्विक बाजारों में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो सकती है। खासकर अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक यातायात के लिए असुरक्षित बना देता है। विश्व के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से होकर गुजरता है, और तेल की कीमतों में पहले से ही उतार-चढ़ाव की आशंका बनी रहती है।

इजरायली सेना के मुताबिक पूरे देश में लगातार हुए हमलों में कम से कम 10 लोग मारे गए और 120 से अधिक घायल हुए। सेना ने बताया कि कई मिसाइलों को नाकाम कर दिया गया।

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने रविवार को कहा कि उनका देश ईरान में सैन्य और नेतृत्व के ठिकानों पर लगातार हवाई हमले करेगा।

पश्चिम एशिया में पैदा हुए हालात की वजह से हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। संयुक्त अरब अमीरात की वाणिज्यिक राजधानी दुबई लंबे समय से खुद को एक अस्थिर क्षेत्र में सुरक्षित आश्रय स्थल के रूप में प्रस्तुत करके व्यापारियों और प्रवासियों को आकर्षित करती रही है, लेकिन इसबार वह भी संघर्ष की चपेट में है।

यूएई की सरकारी मीडिया के मुताबिक राजधानी अबू धाबी पर ईरानी हमलों की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई और हवाई हमलों से निकले मलबे के कारण शहर के मुख्य बंदरगाह और प्रतिष्ठित बुर्ज अल अरब होटल के अग्रभाग में आग लग गई।

ईरान की कार्रवाई की चपेट में कई देश

ईरानी कार्रवाई का दायरा ओमान तक फैल गया है, जो पश्चिम के साथ ईरान का लंबे समय से वार्ताकार रहा है और इससे पहले इस संघर्ष में शामिल नहीं हुआ था। सऊदी अरब ने अपनी राजधानी रियाद और पूर्वी क्षेत्र पर ईरान के हमलों की निंदा करते हुए कहा कि उसने इन हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। सऊदी अरब ने स्पष्ट किया कि उसने अपने हवाई क्षेत्र या भूभाग का इस्तेमाल ईरान को निशाना बनाने के लिए नहीं होने दिया।

जॉर्डन ने कहा कि उसने 49 ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का सामना किया। कुवैत, बहरीन और कतर ने भी रविवार सुबह ईरानी मिसाइलों को रोकने का दावा किया।

ईरान के विदेश मंत्री ने इन हमलों के लिए अमेरिका और इजरायल को दोषी ठहराया। ईरानी विदेशमंत्री के मुताबिक उन्होंने खाड़ी देशों के अपने समकक्षों से बात की है और उनसे अमेरिका और इजरायल पर युद्ध समाप्त करने के लिए दबाव डालने का आग्रह किया है।

ईरान ने नए सर्वोच्च नेता के चुने जाने तक शासन करने के लिए एक परिषद का गठन किया है।

ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में, 1989 से सभी प्रमुख नीतियों पर खामेनेई का अंतिम निर्णय होता था। उन्होंने ईरान के धार्मिक प्रतिष्ठान और रिवोल्यूशनरी गार्ड का नेतृत्व किया, जो सत्तारूढ़ धर्मतंत्र में सत्ता के दो मुख्य केंद्र थे।

हालांकि ट्रंप ने शनिवार को ईरानी जनता से अपनी सरकार पर 'कब्जा करने' का आह्वान किया, लेकिन तेहरान या कहीं और अशांति का कोई संकेत नहीं मिला। ईरान के सरकारी टेलीविजन चैनल के मुताबिक देश के दक्षिणी हिस्से में लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले में कम से कम 115 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

इजरायली सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नादव शोशानी ने कहा कि उन्हें स्कूल पर इजरायली या अमेरिकी हमले की जानकारी नहीं है। अमेरिकी मध्य कमान के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि उन्हें इन खबरों की जानकारी है और अधिकारी इनकी जांच कर रहे हैं।

Nisarg Dixit

लेखक के बारे में

Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।