हार्ट अटैक न आ जाए; ईरान ने अमेरिका के पास लगाया नया हथियार, हमले की दी वॉर्निंग
23 अप्रैल को दो सप्ताह के सीजफायर की अवधि खत्म होने से पहले ही ट्रंप ने संघर्ष विराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया था। तब ट्रंप ने कहा था कि जब तक ईरान की तरफ से प्रस्ताव नहीं आता, तब तक हमलों पर रोक रहेगी।

अमेरिका और ईरान में शांति वार्ता अब कब होगी? यह स्पष्ट नहीं है। इसी बीच ईरान युद्ध के अगले संभावित दौर की तैयारी करता नजर आ रहा है। ईरान के नौसेना ने अमेरिका और इजरायल को नए हथियार की धमकी दी है। साथ ही मजाक उड़ाया है कि इससे दुश्मनों को 'हार्ट अटैक' आ सकता है। यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब ट्रंप ने ईरान की तरफ से दिए गए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के प्रस्ताव को खारिज किया है।
प्रेस टीवी के अनुसार, ईरान के नेवी कमांडर रियर एडमिरल शाहराम ईरान ने कहा है कि इस्लामिक गणतंत्र 'जल्द ही' दुश्मन को नए हथियार से जवाब देगा। उन्होंने इस हथियार को लेकर कहा कि दुश्मन 'इससे बहुत ज्यादा डरते हैं।' उन्होंने कहा, 'और यह उनके बेहद पास में ही है।' उन्होंने कहा, 'मैं उम्मीद करता हूं कि उन्हें हार्ट अटैक नहीं आएगा।'
मजाक भी उड़ा दिया
कमांडर ने कहा कि दुश्मनों ने गलत सोचा था कि वे ईरान के खिलाफ अपनी नई उकसावे वाली कार्रवाई से 'बहुत कम समय में' मनचाहा नतीजा पा लेंगे। उन्होंने आगे कहा, 'उनकी यही सोच अब मिलिट्री अकादमियों में एक मजाक बन गई है।' हालांकि, उन्होंने यह जानकारी नहीं दी है कि ईरान का अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नया हथियार क्या होगा।
ईरान भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अड़ा
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के उपाध्यक्ष अलाउद्दीन बोरुजेर्दीने बुधवार को कहा कि अमेरिका की धमकियों के जवाब में ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण कभी नहीं छोड़ेगा। बोरुजेर्दी ने दावा किया कि ईरान के पास युद्ध जारी रखने के लिए मिसाइलों और ड्रोनों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और वह इसे कई और वर्षों तक खींच सकता है। उन्होंने उल्लेख किया, 'ईरान के आश्चर्यजनक लचीलेपन को देखने के बाद अब अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों को आखिरकार इस्लामी गणराज्य की क्षमताओं पर विश्वास हो गया है।'
अमेरिका मांग रहा हाइपरसॉनिक मिसाइल
अमरीकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ संभावित हमले के लिए हाइपरसोनिक मिसाइल डार्क ईगल की मांग की है। ब्लूमबर्ग न्यूज ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस मांग की वजह ईरानी लॉन्च सिस्टम को फिर से तैनात करना है, जो प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइलों की पहुंच से दूर हैं, जो 300 मील से ज्यादा दूरी के लक्ष्य पर हमला करती हैं। एजेंसी के मुताबिक, अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। अगर फैसला होता है, तो यह अमरीकी हाइपरसॉनिक मिसाइलों की पहली तैनाती होगी।
सीजफायर जारी
23 अप्रैल को दो सप्ताह के सीजफायर की अवधि खत्म होने से पहले ही ट्रंप ने संघर्ष विराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया था। तब ट्रंप ने कहा था कि जब तक ईरान की तरफ से प्रस्ताव नहीं आता, तब तक हमलों पर रोक रहेगी। इसके बाद अटकलें लगाई जाने लगीं कि पाकिस्तान में दूसरे दौर की वार्ता हो सकती है, लेकिन अब तक इसे लेकर स्थिति साफ नहीं है।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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