ईरान ने दिखाया बड़ा दिल, इस देश के जहाज का पार करने दिया होर्मुज स्ट्रेट
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक बार फिर दरियादिली दिखाई है। शुक्रवार को उसने तुर्की के एक जहाज को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दे दी। तुर्की के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने इस बात की जानकारी शुक्रवार को दी।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक बार फिर दरियादिली दिखाई है। शुक्रवार को उसने तुर्की के एक जहाज को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दे दी। तुर्की के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने इस बात की जानकारी शुक्रवार को दी। हॉर्मुज स्ट्रेट एक महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग है, जिसे ईरान ने 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद बंद कर दिया है। तुर्की के मंत्री अब्दुलकादिर उरलोग्लू ने कहाकि होर्मुज में हमारे पास तुर्की के स्वामित्व वाले 15 जहाज हैं। ईरानी अधिकारियों से परमिशन मिलने के बाद हम इनमें से एक जहाज को निकाल पाने में सक्षम हुए।
महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट
तुर्की के मंत्री ने यह बात ठीक ऐसे समय में कही है, जब ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को नाटो के डिफेंस सिस्टम ने तुर्की के हवाई क्षेत्र में रोक दिया था। एक हफ्ते के भीतर यह तीसरा मामला था। उरलोग्लू ने यह नहीं बताया कि इस जहाज ने होर्मुज स्ट्रेट कब पार किया। यह वैश्विक ईंधन व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिसे ईरान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए लगभग बंद कर दिया है।
ईरानी पक्ष के संपर्क में बने रहना है
उरलोग्लू ने आगे कहाकि हम ईरानी पक्ष से संपर्क में बने रहना चाहते हैं। उन्होंने कहाकि अभी हमारे 14 जहाज वहां पर इंतजार कर रहे हैं। उनके साथ कोई समस्या नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस क्षेत्र में कोई तुर्की ध्वज वाला जहाज नहीं है। इससे पहले पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारतीय ध्वज वाले 28 जहाजों में से एक जहाज सुरक्षित रूप से रवाना हो गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
जग प्रकाश भारत के लिए रवाना
जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि ओमान से अफ्रीका के लिए गैसोलीन ले जा रहा भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर ‘जग प्रकाश’ होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व से रवाना हो गया है। अमेरिका व इजरायल द्वारा हमले शुरू करने और ईरान की जवाबी कार्रवाई के दौरान इस क्षेत्र को निशाना बनाये जाने के बाद इस संकरे समुद्री मार्ग में सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं।
सिन्हा ने बताया कि भारतीय ध्वज वाले कुल 28 जहाज फंसे हुए थे, जिनमें से 24 होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में और चार पूर्व में फंसे हुए थे। उन्होंने बताया कि पूर्वी तट पर मौजूद चार जहाजों में से एक ‘जग प्रकाश’ अब रवाना हो चुका है और यह जहाज अफ्रीका के किसी गंतव्य के लिए ईंधन ले जा रहा है। जहाज ट्रैकिंग वेबसाइटों के अनुसार, जहाज ओमान के सोहार बंदरगाह से गैसोलीन भर रहा था और तंजानिया के तंगा की ओर जा रहा था। इसके 21 मार्च को तंगा पहुंचने की उम्मीद है।
सिन्हा ने कहाकि तीन जहाज पूर्वी तट पर फंसे हुए हैं, जिनपर 76 नाविक सवार हैं।फारस की खाड़ी में जलडमरूमध्य के पश्चिम में फंसे भारतीय ध्वज वाले 24 जहाजों पर 668 नाविक सवार हैं। उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में लगभग 23,000 भारतीय नाविक व्यापारिक, बंदरगाह और तट से सटे हुए जहाजों पर काम कर रहे हैं तथा जहाजरानी विभाग के महानिदेशक जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय बनाए हुए हैं।
विशेष सचिव ने बताया कि सभी भारतीय जहाजों और उनके चालक दल पर सक्रिय रूप से नजर रखी जा रही है। नियंत्रण कक्ष के सक्रिय होने के बाद चौबीस घंटे में जहाजरानी विभाग के महानिदेशक को 2,425 से अधिक सूचनाएं व 4,441 ईमेल आए हैं और फंसे हुए 223 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गयी है। उन्होंने बताया कि जहाजरानी विभाग के महानिदेशक नियमित रूप से परामर्श जारी कर रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय फारस की खाड़ी में समुद्री स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
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Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।
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