होर्मुज से गुजरने के लिए भरना होगा टोल टैक्स, ईरान ने लागू कर दिया नियम; किन जहाजों पर बैन?

Jagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम जलमार्गों में से एक है और युद्ध के कारण यहां से जहाजों की आवाजाही ठप हो गई है। ईरान ने यहां अमेरिकी और इजरायली हितों वाले जहाजों को लगातार निशाना बनाया है। अब ईरान जहाजों से टोल वसूलेगा।

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान ने बड़ा झटका दे दिया है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना कंट्रोल और मजबूत करने करते हुए एक नई योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत अब ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूलेगा। ईरान की संसद की सुरक्षा समिति ने सोमवार को इस नई प्रबंधन योजना को मंजूरी दे दी है।

ईरान के सरकारी मीडिया, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के अनुसार इस योजना की औपचारिक घोषणा राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के एक सदस्य ने की। मंज़ूर की गई योजना में कई मुख्य बातें शामिल हैं। इनमें होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, जहाजों की सुरक्षा के नियम, पर्यावरण सुरक्षा के उपाय, और रियाल-आधारित टोल प्रणाली को लागू करने जैसे उपाय शामिल हैं।

इस प्लान के तहत अमेरिकी और इजरायली जहाजों के जलडमरूमध्य से गुजरने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा योजना के तहत उन देशों के जहाजों को भी इस जलडमरूमध्य से गुजरने से इजाजत नहीं मिलेगी जो प्रत्यक्ष रूप से ईरान के खिलाफ रहे हैं।

तनाव के केंद्र में होर्मुज

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध की पृष्ठभूमि में भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र बना हुआ है। अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद ईरान ने इस जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को प्रभावी ढंग से रोक दिया है। यह मार्ग फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजार तक तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। इस नाकेबंदी ने इस क्षेत्र में तेल के निर्यात और उत्पादन के स्तर को भी प्रभावित किया है। इसके परिणामस्वरूप दुनिया भर के अधिकांश देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं।

नरम पड़े ट्रंप?

इस बीच रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य खोले बिना ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त करने को तैयार हैं। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से यह रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप और उनके सहयोगियों ने हाल के दिनों में आकलन किया कि इस अहम जलमार्ग को खोलने का कोई भी अभियान संघर्ष को उनकी तय समय-सीमा से आगे बढ़ा देगा।

क्या है अमेरिका की योजना?

अमेरिकी अधिकारियों ने फैसला किया कि अमेरिका को अपने मुख्य लक्ष्य हासिल करने चाहिए और मौजूदा शत्रुता को खत्म करना चाहिए। साथ ही तेहरान पर कूटनीतिक दबाव बनाना चाहिए ताकि व्यापार का मुक्त प्रवाह फिर से शुरू हो सके। इससे पहले ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर तेहरान इस जलडमरूमध्य को नहीं खोलता है, तो अमेरिका ईरान के तेल के कुओं और खर्ग द्वीप को तबाह कर देगा। हालांकि अब उनके तेवर नरम पड़े हैं।

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जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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