बात करने पाकिस्तान आ रहे हैं अमेरिका और ईरान, पर टेंशन में मेजबान; इजरायल पर नजरें
पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोघादम ने तेहरान के प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी की पुष्टि करते हुए इस बात पर जोर दिया कि इजरायल द्वारा युद्ध-विराम के उल्लंघन के कारण उनके देश में शांति वार्ता को लेकर 'संदेह' बना हुआ है।
अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को उच्च-स्तरीय वार्ता की मेजबानी करने जा रहे पाकिस्तान ने राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। हालांकि, शीर्ष ईरानी नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि लेबनान पर किए गए इजरायली हमले वार्ता को निरर्थक बना सकते हैं। अमेरिका और ईरान बुधवार को दो हफ्ते के लिए सशर्त युद्ध-विराम पर सहमत हो गए। इसके बाद, मतभेदों को सुलझाने और मौजूदा युद्ध-विराम को एक स्थायी शांति में तब्दील करने के लिए इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच बैठक होनी है।
ईरान ने चेताया
प्रस्तावित बातचीत से कुछ घंटे पहले, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि लेबनान पर इजरायल का हमला शुरुआती युद्ध-विराम का खुला उल्लंघन है और इससे बातचीत निरर्थक हो जाएगी।
उन्होंने कहा, 'इस तरह के कदम धोखे और नियमों का पालन न करने का संकेत देते हैं, जिससे बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाता। हमारी ऊंगलियां ट्रिगर पर ही रहेंगी। ईरान अपने लेबनानी भाइयों और बहनों को कभी अकेला नहीं छोड़ेगा।' पेजेश्कियन ने यह बात लेबनान में इजरायल के बड़े हमलों के एक दिन बाद कही, जिनमें 200 से ज्यादा लोग मारे गए और 1,000 से अधिक घायल हुए।
पाकिस्तान में तैयारियां
इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की और क्षेत्र में स्थायी शांति हासिल करने के लिए पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों की प्रगति की समीक्षा की।
बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने तनाव में अब तक आई कमी पर संतोष व्यक्त किया और सभी पक्षों द्वारा शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अमेरिका और ईरान को संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचने में हर संभव सहायता प्रदान करने का संकल्प लिया।
प्रधानमंत्री शरीफ ने आने वाले प्रतिनिधिमंडलों को अपना निमंत्रण फिर से दोहराया और उन्हें पाकिस्तान की ओर से पूरे सम्मान और समर्थन का आश्वासन दिया। दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडल के बातचीत में हिस्सा लेने के लिए बृहस्पतिवार रात तक इस्लामाबाद पहुंचने की उम्मीद है।
सीजफायर पर संदेह
पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोघादम ने तेहरान के प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी की पुष्टि करते हुए इस बात पर जोर दिया कि इजरायल द्वारा युद्ध-विराम के उल्लंघन के कारण उनके देश में शांति वार्ता को लेकर 'संदेह' बना हुआ है।
मोघादम ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'राजनयिक पहल को नाकाम करने के लिए इजरायली शासन द्वारा बार-बार युद्ध-विराम के उल्लंघन के कारण ईरान के लोगों में संशय के बावजूद, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के निमंत्रण पर, ईरानी प्रतिनिधिमंडल आज रात इस्लामाबाद पहुंच रहा है, ताकि ईरान द्वारा प्रस्तावित 10 बिंदुओं पर वार्ता की जा सके।'
पाकिस्तान कर रहा सिक्योरिटी का वादा
इस बीच, पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा कि वह पश्चिम एशिया संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर ईरान के साथ होने वाली बातचीत से पहले, दौरे पर आने वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को पूरी तरह सुरक्षित माहौल देगा। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी अमेरिकी दूतावास प्रभारी नैटली बेकर से बात कर रहे थे। बेकर ने आगामी बातचीत की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए उनसे मुलाकात की थी।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के भी पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन उसके आगमन का कोई समय घोषित नहीं किया गया है। खबरों के अनुसार, वेंस के साथ स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी होंगे।
इस बात पर होगा जोर
इस घटनाक्रम से अवगत सूत्रों ने बताया कि बातचीत का मुख्य जोर एक दीर्घकालिक शांति व्यवस्था के लिए व्यापक रूपरेखा तैयार करने पर रहने की उम्मीद है, जिसमें प्रतिबंधों में राहत, क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान के परमाणु तथा मिसाइल कार्यक्रम के भविष्य जैसे मुद्दे शामिल होंगे।
तेहरान ने संकेत दिया है कि यह बातचीत प्रस्तावित 10 सूत्री योजना पर आधारित होगी, जिसमें प्रतिबंधों को हटाने, भविष्य के हमलों के खिलाफ गारंटी और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी चिंताओं को दूर करने की व्यवस्था शामिल है।
आगामी वार्ता पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसकी सफलता या विफलता का पश्चिम एशिया की सुरक्षा, वैश्विक ऊर्जा बाजारों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर दूरगामी असर पड़ सकता है। गुरुवार को, गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने बेकर को अहम बातचीत से पहले सभी विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के लिए पुख्ता सुरक्षा का आश्वासन दिया।
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, अमेरिकी राजदूत के साथ एक बैठक में, नकवी ने उन्हें वार्ता से पहले किए गए सुरक्षा इंतजामों का आश्वासन दिया और कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य 'हमारे खास मेहमान' हैं।
'डॉन' समाचार पत्र की खबर के अनुसार, मंत्री ने कहा, 'सभी विदेशी मेहमानों को हर लिहाज से अभेद्य सुरक्षा मुहैया कराने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की गई है।' खबर में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सुरक्षा इंतजाम का जायजा लेने के लिए 30 सदस्यीय अमेरिकी टीम पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुकी है।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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