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ईरान की धमकी से डर गए ट्रंप? मिडिल ईस्ट बेस से वापस बुलाई जा रही अमेरिकी सेना

ईरान की धमकी से डर गए ट्रंप? मिडिल ईस्ट बेस से वापस बुलाई जा रही अमेरिकी सेना

संक्षेप:

US Iran Tension: एक तरफ ट्रंप प्रशासन ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के दमन पर कड़ी कार्रवाई की धमकी दे रहा है, तो दूसरी तरफ तेहरान ने साफ कह दिया है कि अगर अमेरिका हमला करता है, तो सऊदी अरब, यूएई, तुर्की और कतर जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकाने तबाह कर दिए जाएंगे…

Jan 14, 2026 07:32 pm ISTDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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मिडिल ईस्ट में युद्ध की आहट तेज हो गई है। ईरान की कड़ी धमकियों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले की चेतावनी के बीच अमेरिका अपने प्रमुख बेस से सैनिकों और कर्मियों को वापस बुला रहा है। रॉयटर्स के अनुसार, बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका मध्य पूर्व के प्रमुख सैन्य ठिकानों से अपने कर्मियों को वापस बुला रहा है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि तेहरान ने अमेरिकी सैनिकों की मेजबानी करने वाले पड़ोसी देशों को चेतावनी दी है कि अगर वाशिंगटन हमला करता है, तो ईरान अमेरिकी ठिकानों पर हमला करेगा।

दरअसल, इस वक्त ईरान कई मोर्चों पर खतरे का सामना कर रहा है। एक ओर दो हफ्तों से देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, तो दूसरी ओर अमेरिका से लगातार सैन्य कार्रवाई की धमकियां मिल रही हैं। अमेरिकी हमले की बढ़ती आशंका के बीच ईरान ने सऊदी अरब, यूएई और तुर्की समेत कई क्षेत्रीय देशों को चेतावनी दी है। ईरान ने स्पष्ट कहा है कि अगर अमेरिका हमला करता है, तो वह इन देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएगा।

वहीं, अमेरिकी धमकियों और ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरानी न्यायपालिका ने गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तेज सुनवाई और फांसी के संकेत दिए हैं। ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख गुलामहुसैन मोहसेनी-एजेई ने एक वीडियो में यह टिप्पणी की, जिसे ईरानी सरकारी टेलीविजन ने ऑनलाइन साझा किया। मोहसेनी-एजेई ने कहा कि अगर हमें कोई काम करना है, तो हमें उसे अभी करना चाहिए। अगर हम कुछ करना चाहते हैं, तो हमें उसे जल्दी करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर इसमें दो महीने या तीन महीने की देरी होती है, तो इसका उतना असर नहीं पड़ेगा। अगर हम कुछ करना चाहते हैं, तो हमें उसे तुरंत करना होगा।

उनकी ये टिप्पणियां ट्रंप के लिए सीधी चुनौती के रूप में देखी जा रही हैं, जिन्होंने मंगलवार को एक साक्षात्कार में ईरान को फांसी की सजा के बारे में चेतावनी दी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। अगर वे ऐसा कुछ करते हैं, तो हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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