कोई बात नहीं बनी, US-ईरान वार्ता फेल; पाकिस्तान छोड़कर निकल गए जेडी वेंस

Ankit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि इस वार्ता का कोई परिणाम नहीं निकल पाया है। उन्होंने कहा, हम अमेरिका वापस जा रहे हैं। जेडी वेंस ने कहा, हम इस्लामाबाद में 21 घंटे रुके लेकिन बुरी खबर यह है कि कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला।

कोई बात नहीं बनी, US-ईरान वार्ता फेल; पाकिस्तान छोड़कर निकल गए जेडी वेंस

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि इस वार्ता का कोई परिणाम नहीं निकल पाया है। उन्होंने कहा, हम अमेरिका वापस जा रहे हैं। जेडी वेंस ने स्पष्ट तौर पर यह तो नहीं कहा कि वार्ता पूरी तरह फेल हो गई है लेकिन वेंस ने इतना जरूर कहा यह बहुत ही बुरी खबर है कि हम किसी सार्थक नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं। उन्होंने कहा, हम अपना एक फाइनल ऑफर देकर जा रहे हैं, अब आगे का विचार ईरान को करना है।

जेडी वेंस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा, हम यहां एक बहुत ही सामान्य प्रस्ताव छोड़कर जा रहे हैं जो कि हमारी तरफ से फाइनल और सबसे अच्छा ऑफर है। अब देखना है कि ईरान इसे स्वीकार करता है या नहीं? जेडी वेंस ने कहा कि इस्लामाबाद में 21 घंटे बातचीत चली जो कि पर्याप्त है।

बता दें कि पाकिस्तान की मेजबानी में इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की वार्ता चल रही थी। पहले दिन की वार्ता 14 घंटे से ज्यादा चली। दोनों देशों ने अपने-अपने मसौदे और दस्तावेज पेश किए। शुरू में ऐसा लग रहा था कि बातचीत साकारात्मक दिशा में जा रही है। हालांकि यह शांति वार्ता फेल हो गई। इस महत्वपूर्ण वार्ता की संवेदनशीलता का अंदाजा दोनों पक्षों के भारी-भरकम प्रतिनिधिमंडलों से लगाया जा सकता था। ईरानी पक्ष का नेतृत्व वहां की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालबाफ कर रहे थे, जिनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची और 71 सदस्यीय एक विशाल दल मौजूद थे। इस दल में अनुभवी वार्ताकारों के अलावा तकनीकी विशेषज्ञ और मीडिया प्रतिनिधि भी शामिल थे।

पाकिस्तान की उम्मीदों पर फिरा पानी

वहीं, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे थे। उनके साथ इस चर्चा में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। मेजबान देश पाकिस्तान की ओर से विदेश मंत्री इशाक डार और गृह मंत्री मोहसिन नकवी इस पूरी प्रक्रिया में समन्वय कर रहे थे। पाकिस्तान को बड़ी उम्मीद थी कि अगर युद्धविराम पर सहमति बन जाती है तो उसे इसका पूरा क्रेडिट मिलेगा। हालांकि उसकी उम्मीदों पर भी पानी फिर गया।

हिजबुल्लाह के करीबी सूत्रों ने पाकिस्तान में हो रही इस वार्ता का समर्थन किया था। पाकिस्तान में ईरान के दूत रज़ा अमिरी मोघदाम ने वार्ता की गंभीरता पर जोर देते हुए कहा था कि इसका उद्देश्य ईरानी राष्ट्र के खिलाफ एक अवैध युद्ध को समाप्त करना है। हालांकि, उन्होंने इस प्रक्रिया के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह देखना अभी बाकी है कि क्या अमेरिका मेजबान देश (पाकिस्तान) के मध्यस्थता प्रयासों का सम्मान करता है। ईरान ने भी वार्ता से पहले ही कहा था कि उसे अमेरिका पर विश्वास नहीं है।

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Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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