दुनिया में कानून का राज खत्म... पुतिन के प्रवक्ता बोले- तुरंत हो UNSC की 'P-5' की बैठक
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच रूस ने कहा है कि ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय कानून निष्प्रभावी हो गए हैं। उसने UNSC के पांच स्थायी सदस्यों का शिखर सम्मेलन बुलाने के राष्ट्रपति पुतिन के प्रस्ताव पर अमल करने का आह्वान किया।

मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच रूस ने कहा है कि ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय कानून निष्प्रभावी हो गए हैं। उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के पांच स्थायी सदस्यों (पी-5) का शिखर सम्मेलन बुलाने के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रस्ताव पर अमल करने का आह्वान किया।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि मौजूदा वैश्विक स्थिति पुतिन के उस प्रस्ताव पर फिर से विचार करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है, जो उन्होंने कोविड-19 महामारी से पहले दिया था, जिसमें वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता पर चर्चा करने के लिए पी-5 (रूस, अमेरिका, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन) के शिखर सम्मेलन का आह्वान किया गया था।
पेस्कोव ने सरकारी टीवी चैनल रॉसिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि हम सबने अंतरराष्ट्रीय कानून नाम की चीज खो दी है... मुझे तो यह भी समझ नहीं आता कि किसी से अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों और सिद्धांतों का पालन करने की उम्मीद कैसे की जा सकती है। असल में, अंतरराष्ट्रीय कानून का अस्तित्व ही खत्म हो चुका है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून "कानूनी तौर पर" मौजूद हैं, लेकिन अब "वास्तविक रूप से" नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हम किसी को यह नहीं बता सकते कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करो, किस कानून का पालन करो? आज कोई भी यह परिभाषित नहीं कर सकता कि वह कानून क्या है।
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद तनाव में हुई तीव्र वृद्धि का जिक्र करते हुए पेस्कोव ने कहा कि क्षेत्र में स्थिति काफी हद तक अस्थिर हो गई है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र काफी हद तक अस्थिर हो गया है, और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय संघर्षों और अनसुलझे मुद्दों के संचयी प्रभाव के परिणामस्वरूप आर्थिक और राजनीतिक दोनों तरह के परिणाम सामने आ रहे हैं।
इस बीच, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि अमेरिका को अपनी व्यापक योजनाओं को स्पष्ट करना चाहिए और यह बताना चाहिए कि वे मौजूदा अंतरराष्ट्रीय मानदंडों से कैसे संबंधित हैं। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि हम अक्सर इस बारे में बात करते हैं कि हम किस तरह की दुनिया में रहते हैं, इसे परिभाषित करना चाहते हैं... हमारा मानना है कि अमेरिका को अपनी योजनाओं और यह सब पहले से परिभाषित मानदंडों से कैसे संबंधित है, इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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