
इस देश के पूर्व राष्ट्रपति को नेशनल हीरो की उपाधि मिलने पर भड़के लोग; सड़कों पर प्रदर्शन
इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति सुहार्तो ने 1967 में देश की सत्ता पर कब्जा करके खुद को राष्ट्रपति घोषित कर लिया था। इसके बाद तीन दशक के शासन और जनता के खुले प्रदर्शन के बाद 1998 में उन्हें सत्ता गंवानी पड़ी थी।
इंडोनेशिया की सरकार को सोमवार को अपने पूर्व दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति सुहार्तो को नेशनल हीरो की उपाधि देना भारी पड़ रहा है। हजारों की संख्या में लोगों ने इसको लेकर अपना विरोध दर्ज कराया है। सरकार ने पूर्व नेता को यह सम्मान देने के लिए एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें सुहार्तो के पूर्व दामाद और वर्तमान राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी उपस्थित थे।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति को मरणोपरांत यह सम्मान देते हुए इस बात की घोषणा की गई कि जनरल सुहार्तो मध्य जावा प्रांत के एक प्रमुख व्यक्ति और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में विशिष्ट रहे हैं। इसके बाद राष्ट्रपति प्रबोवो ने सुहार्तो के बेटे और बेटो को यह पुरस्कार दिया।
सुहार्तो ने तीन दशक से ज्यादा समय तक इंडोनेशिया पर राज किया है। उन्होंने 1967 में इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति और स्वतंत्रता सेनानी सुकर्णों से सत्ता छीन कर खुद को औपचारिक राष्ट्रपति घोषित किया था। इसके 1998 में एक बड़े प्रदर्शन के बाद उन्हें सत्ता से हटा दिया गया था। सुहार्तो के शासनकाल में उनके ऊपर बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों के उल्लंघन, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजा वाद के आरोप लगे थे।
सुहार्तो को यह सम्मान देने की घोषणा पिछले हफ्ते ही की गई थी। इसके बाद इसका विरोध शुरू हो गया था। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक सुहार्तो के नामांकन का विरोध करने के लिए पिछले हफ्ते जकार्ता में करीब कई सौ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, जबकि 16 हजार से ज्यादा लोगों ने एक ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर किए।

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Upendra Thapakलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




