
रूम में बुलाकर हाथ-पैर बांधे, 30 साल से अमेरिका में रह रही भारत की बबली के साथ ऐसा क्यों?
लॉन्ग बीच वॉचडॉग की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय मूल की यह महिला लॉन्ग बीच, कैलिफोर्निया में रहती हैं। बबली कौर 1994 से अमेरिका में रह रही हैं और कोविड महामारी से पहले तक अपने पति के साथ लॉन्ग बीच में नटराज कुजीन ऑफ इंडिया एंड नेपाल नाम का रेस्टोरेंट चलाती थीं।
अमेरिका में पिछले 30 वर्षों से रह रही भारतीय मूल की 60 वर्षीय महिला बबलीजीत कौर उर्फ बबली को ग्रीन कार्ड की अंतिम प्रक्रिया के दौरान हैरान करने वाली घटना का सामना करना पड़ा। बायोमेट्रिक्स अपॉइंटमेंट पर गईं बबली को अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एजेंटों ने अचानक हिरासत में ले लिया। यह अपॉइंटमेंट उनकी पहले से स्वीकृत ग्रीन कार्ड याचिका की औपचारिकता पूरी करने के लिए थी, जिसे उनकी अमेरिकी नागरिक बेटी और दामाद ने दाखिल किया था। इस घटना से उनके परिवार के सदस्य सदमे में हैं।
लॉन्ग बीच वॉचडॉग की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय मूल की यह महिला लॉन्ग बीच, कैलिफोर्निया में रहती हैं। बबली कौर 1994 से अमेरिका में रह रही हैं और कोविड महामारी से पहले तक अपने पति के साथ लॉन्ग बीच में नटराज कुजीन ऑफ इंडिया एंड नेपाल नाम का रेस्टोरेंट चलाती थीं। रिपोर्ट के अनुसार, दंपति के तीन बच्चे हैं। 34 वर्षीय बेटी ज्योति, जिन्हें डीएसीए के तहत अमेरिका में कानूनी स्थिति प्राप्त है, जबकि उनका बड़ा भाई और बहन दोनों अमेरिकी नागरिक हैं। बबली के पास उनकी बड़ी बेटी और दामाद द्वारा स्वीकृत ग्रीन कार्ड याचिका है।
बबली की बेटी ज्योति ने बताया कि जब उनकी मां कार्यालय के फ्रंट डेस्क पर थीं, तभी दो वाहन आकर रुके और कई संघीय एजेंट इमारत में प्रवेश किए। बबली को उस कमरे में बुलाया गया जहां पहले से एजेंट मौजूद थे। बाद में उन्हें जानकारी दी गई कि उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। इस दौरान बबली ने अपने वकील से बात करने की कोशिश की और लगभग आठ मिनट बातचीत के बाद भी उन्हें हिरासत में रखा गया।
ज्योति ने दावा किया कि परिवार को कई घंटों तक यह नहीं बताया गया कि बबली को कहां ले जाया जा रहा है। आईसीई एजेंटों ने अस्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें सांता एना या लॉस एंजिल्स ले जाया जा सकता है, जिससे परिवार घबराया रहा। बाद में पता चला कि उन्हें लॉस एंजिल्स के रास्ते एडेलांटो डिटेंशन सेंटर ले जाया गया, जो पहले जेल था और अब आईसीई इसका उपयोग करती है।
ज्योति ने बताया कि इस घटना से उनकी मां बहुत डरी हुई थीं। उनके हाथ-पैरों में हथकड़ी लगाकर पुरुषों से भरी एक वैन में डाल दिया गया। उन्होंने बताया कि उनकी मां का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। इस बीच, लॉन्ग बीच के कांग्रेसमैन रॉबर्ट गार्सिया ने बबली की हिरासत पर बयान जारी कर आईसीई की कार्रवाइयों की निंदा की। उन्होंने कहा कि वे बबली के परिवार के संपर्क में हैं और उन्हें घर वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

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