कौन हैं भारतीय मूल के AI एक्सपर्ट श्रीराम कृष्णन, डोनाल्ड ट्रंप सरकार को दे दिया बड़ा झटका

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वाइट हाउस के मुख्य एआई सलाहकार श्रीराम कृष्णन ने अपना पद छोड़ने का ऐलान कर दिया है। अमरिकी की एआई नीति बनाने में उन्होंने बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने चेन्नई से पढ़ाई की है। डोनाल्ड ट्रंप ने तमाम विरोध के बाद भी उन्हें नियुक्त किया था। 

कौन हैं भारतीय मूल के AI एक्सपर्ट श्रीराम कृष्णन, डोनाल्ड ट्रंप सरकार को दे दिया बड़ा झटका

अमेरिका में वाइट हाउस के एआई सलाहकार श्रीराम कृष्णन ने अपना पद छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह केवल जून तक ही सेवा दे सकते हैं। बता दें कि कृष्णन ने अपने 18 महीने के कार्यकाल के दौरान अमेरिका का पूरा एआई ऐक्शन प्लान तैयार किया। आर्टिफिशियल इंटेलिंजेंस के लिए एक नेशनल फ्रेमवर्क बनाने में उन्होंने बड़ी भूमिका निभाई है।

कृष्णन ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर कहा, 'छोटे से ब्रेक के बाद वह एक बार फिर अमेरिका और सहयोगी देशों के सामने एआई की वजह से पैदा हुई चुनौतियों को कम करने पर काम करेंगे।' उन्होंने कहा, अभी एआई से जुड़े कई जटिल मुद्दे हैं। इनमें डेटा सेंटरों का विस्तार और ऊर्जा की खपत शामिल है। इसको लेकर सबको मिलकर काम करने की जरूरत है।

कौन हैं श्रीराम कृष्णन, भारत से क्या लिंक

श्रीराम कृष्णन भारती मूल के ही हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान उन्हें एआई पॉलिसी के मुख्य रणनीतिकार के रूप में नियुक्त किया गया था। वह एआई पॉलिसी एडवाइजर के तौर पर कार्य कर रहे थे। श्रीराम का जन्म चेन्नई में हुआ था और उन्होंने चेन्नई के ही एसआरएम इंजीनियरिंग कॉलेज से शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद उन्होंने ट्विटर, फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट, स्नैप जैसी वैश्विक टेक कंपनियों के लिए काम किया।

वह लंबे समय तक कैपिटल फर्म एंड्रीसन होरोविट्स के साथ भी जुड़े रहे। 2024 में डोनाल्ड ट्रंप ने वाइट हाउस में उनकी नियुक्ति का ऐलान किया। ट्रंप के करीबी लॉरा लूमर ने उनकी नियुक्ति का विरोध किया था। एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप इमीग्रेशन के सुधार के नियम लागू कर रहे थे और दूसरी तरफ भारतीय मूल के शख्स को इतना बड़ा पद दे रहे थे। विवादों के बीच भी कृष्णन ने जमकर काम किया और एआई नीति के एक प्रभावशाली फ्रेमवर्क तैयार किया।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कर चुके हैं तारीफ

एआई रेग्युलेशन से जुड़े सरकारी मसौदे पर काम करने वाले वह प्रमुख सलाहकार थे। वाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने उनकी कई बार तारीफ की और कहा कि वह वाइट हाउस के अनमोल रत्नों में शामिल हैं। श्रीराम कृष्णन ने अमेरिकी संसद के साथ एाई नीति पर काम करने की नींव रखी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी उनकी कई बार तारीफ कर चुके हैं। वहीं कृष्णन ट्रंप की तारीफ करते हुए कहते हैं कि बिना उनके नेतृत्व के एआई की दौड़ में अमेरिका अग्रणी ना हो पाता। रिपोर्ट्स में कहा जाता था कि कृष्णन अपनी टीम में भी काफी लोकप्रिय थे।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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