ईरान के हमले में भारतीय की मौत, अमेरिकी तेल टैंकर बना आग का गोला; सुसाइड बोट से मारी टक्कर

Mar 12, 2026 10:22 am ISTSurya Prakash पीटीआई, न्यूयॉर्क
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सेफसी विष्णु (Safesea Vishnu) नाम का यह तेल टैंकर खोर अल जुबैर पोर्ट जा रहा था। इसी दौरान इस पर हमला हुआ। यह इलाका इराक की ही जल सीमा में आता है। यह शायद पहला वाकया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग में किसी भारतीय की मौत हुई है। एक भारतीय के दुबई में जख्मी होने की खबर भी आई थी।

ईरान के हमले में भारतीय की मौत, अमेरिकी तेल टैंकर बना आग का गोला; सुसाइड बोट से मारी टक्कर

ईरान ने एक अमेरिकी तेल टैंकर पर हमला किया है, जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत की खबर है। पीटीआई के मुताबिक ईरान ने यह एक सुसाइड बोट की मदद से किया है। यह हमला इराक के पास हुआ। सेफसी विष्णु (Safesea Vishnu) नाम का यह तेल टैंकर खोर अल जुबैर पोर्ट जा रहा था। इसी दौरान इस पर हमला हुआ। यह इलाका इराक की ही जल सीमा में आता है। यह शायद पहला वाकया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग में किसी भारतीय की मौत हुई है। कल एक भारतीय के दुबई में ड्रोन अटैक के चलते जख्मी होने की खबर भी आई थी।

तेल टैंकर पर हमले में मारे गए भारतीय का नाम अब तक सामने नहीं आया है। सूत्रों का कहना है कि इस तेल टैंकर में कुल 28 लोग सवार थे। एक भारतीय की मौत हो गई है। इसके अलावा 27 क्रू मेंबरों और अन्य कर्मचारियों को बसरा में सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार ईरान ने कुल दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया, जिनमें से एक सेफसी विष्णु में सवार भारतीय की मौत हुई है। इस मामले में तेल टैंकर का संचालने करने वाली कंपनी का बयान भी आया है, उसने भारतीय नागरिक के मारे जाने पर दुख जाहिर किया है।

इसके अलावा भारत सरकार से भी कंपनी ने अपील की है कि वह हमले की निंदा करे। तेल टैंकर और जहाजों में सवार लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाए। दरअसल भारत के लिए चिंता की बात इसलिए है क्योंकि समंदर में चलने वाले सभी जहाजों में सवार लोगों में लगभग 15 फीसदी भारतीय ही होते हैं। ऐसे में ईरान के हमलों में भारतीयों के भी निशाना बनने की आशंकाएं हैं। यह स्थिति खतरनाक है क्योंकि ईरान लगातार हमले कर रहा है। एक तरफ वह इराक तक अटैक कर रहा है तो वहीं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी वह ऐक्टिव है। उसका कहना है कि इस अहम गलियारे से वह तेल की एक बूंद की भी सप्लाई नहीं होने देगा।

बता दें कि ईरान के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हमलों के चलते कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार फिर से पहुंच गई है। इसके अलावा सप्लाई का संकट पैदा होने से भारत समेत कई देशों में एलपीजी की भी किल्लत देखी जा रही है। हालात ऐसे हैं कि कच्चे तेल की कीमत वैश्विक बाजार में 200 डॉलर प्रति बैरल तक जाने की चर्चाएं हैं। यही नहीं शेयर बाजारों में लगातार मंदी का दौर जारी है। जानकारों को लगता है कि यदि युद्ध नहीं थमा तो निवेशकों का भरोसा कायम नहीं होगा और बाजार ऐसे ही लुढ़कते रहेंगे। आज भी भारत का बीएसई सेंसेक्स करीब 1000 अंकों की गिरावट के साथ खुला है।

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Surya Prakash

दुनियादारी में रुचि पत्रकारिता की ओर खींच लाई। समकालीन राजनीति पर लिखने के अलावा सामरिक मामलों, रणनीतिक संचार और सभ्यतागत प्रश्नों के अध्ययन में रुचि रखते हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले सूर्यप्रकाश को पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। 10 वर्षों से ज्यादा समय से डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं राज्यों से संबंधित खबरों का संपादन करते हैं एवं डेस्क इंचार्ज के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। समाचारों के त्वरित प्रकाशन से लेकर विस्तृत अध्ययन के साथ एक्सप्लेनर आदि में भी रुचि रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज प्रकाशित करने और खबरों के अंदर की खबर को विस्तार से समझाने में रुचि रखते हैं। हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को समझते हैं और उसके अनुसार ही पाठकों को खबरें देने के लिए तत्परता रखते हैं।


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