लिपुलेख हमारा है; दिल्ली में बैठ नेपाल के मंत्री के बिगड़े बोल, भारत-चीन के समझौते पर उठा दिए सवाल

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भारत और चीन के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिशों के तहत लगभग 5 साल के बाद पिछले साल यह यात्रा फिर से शुरू हुई है। विदेश मंत्रालय ने अप्रैल में घोषणा की थी कि इस साल यह यात्रा जून से शुरू होगी।

लिपुलेख हमारा है; दिल्ली में बैठ नेपाल के मंत्री के बिगड़े बोल, भारत-चीन के समझौते पर उठा दिए सवाल

नेपाल ने एक बार भारत के हिस्सों को अपना बताते हुए आपत्तिजनक बयान दिया है। नेपाल ने भारत और चीन के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा को दोबारा शुरू करने के समझौते पर आपत्ति जताई है। हैरत की बात यह है कि नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने इस तरह का बयान भारत में ही दिया है। खनाल ने यहां भारत में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग से जुड़े किसी भी फैसले में नेपाल को भी शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि यात्रा का रास्ता ‘नेपाल के हिस्सों से हो कर गुजरता है’।

एएनआई से बात करते हुए नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि नेपाल ने भारत और चीन को अपनी चिंताएं बताई हैं। उन्होंने कहा, "कैलाश मानसरोवर यात्रा कई अलग-अलग बॉर्डर पॉइंट्स से होती है। इनमें से कई रूट नेपाल से होकर गुजरते हैं। हमारी चिंता विशेष रूप से कालापानी और लिपुलेख क्षेत्र को लेकर भारत और चीन के बीच हुए समझौते को लेकर है। हम बहुत लंबे समय से कह रहे हैं कि यह जमीन हमारी है।”

पहले भी आपत्ति जता चुका है नेपाल

नेपाली विदेश मंत्री ने आगे कहा, “नेपाल की सहमति के बिना, दोनों देश आपस में इस तरह के समझौते नहीं कर सकते।" उन्होंने कहा कि नेपाल ने इस संबंध में अपनी स्थिति दोनों देशों को बताई है। गौरतलब है कि नेपाल पहले भी इस मार्ग को लेकर आपत्ति जता चुका है। भारत और चीन के बीच समझौते को नया रूप देने के बाद से नेपाल इस संबंध में कई एक बयान जारी कर चुका है। पिछले महीने नेपाल सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने भी लिपुलेख पर अपना दावा दोहराया था। उन्होंने एक बयान में कहा था, “यह क्षेत्र नेपाल का है और सरकार का इस बारे में स्पष्ट दृष्टिकोण है।"

अप्रैल में हुई थी घोषणा

बता दें कि चीन के तिब्बत ऑटोनॉमस रीजन में स्थित कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की तीर्थयात्रा हिंदुओं, जैन और बौद्ध धर्म के लोगों के लिए बहुत अधिक धार्मिक महत्व रखती है। भारत और चीन के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिशों के तहत लगभग पांच साल के बाद पिछले साल यह यात्रा फिर से शुरू हुई। विदेश मंत्रालय ने 30 अप्रैल को घोषणा की थी कि वार्षिक कैलाश मानसरोवर यात्रा इस साल जून से अगस्त तक होगी। इसके लिए दो मार्गों पर सहमति बनी थी, जिनमें उत्तराखंड में लिपुलेख दर्रा और सिक्किम में नाथू ला दर्रा शामिल हैं।

क्या है विवाद?

यह पूरा विवाद मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को लेकर है। नेपाल का दावा है कि 1816 की सुगौली संधि के तहत ये क्षेत्र काली नदी के पूर्व में स्थित हैं, इसलिए इन पर नेपाल की संप्रभुता है। 2020 में नेपाल ने अपना नया नक्शा जारी कर इन तीनों इलाकों को अपने क्षेत्र में दिखाया था। हालांकि भारत ने नेपाल के इस दावे को हमेशा खारिज किया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि लिपुलेख उत्तराखंड का हिस्सा है और इस क्षेत्र पर लंबे समय से भारत का ही प्रशासनिक नियंत्रण है। भारत यह भी स्पष्ट कर चुका है कि लिपुलेख दर्रा 1954 से ही मानसरोवर यात्रा का पारंपरिक रास्ता रहा है।

बातचीत की मांग कर रहा नेपाल

नेपाल के विदेश ने लिपुलेख का जिक्र करने के बाद भारत से बातचीत की भी बात कही है। शिशिर खनाल ने कहा कि नेपाल भारत के साथ अपने सीमा विवाद को द्विपक्षीय बातचीत के जरिए सुलझाना चाहता है। उन्होंने किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को स्वीकार ना करने के भारत के रूप का भी समर्थन किया। इससे पहले पिछले महीने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने के लिए चीन और ब्रिटेन जैसे देशों से मदद लेने की बात कही थी। हालांकि भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया था।

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Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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