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भारतीय वायुसेना की ओर से 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक जारी किए गए 17 दिवसीय एयरस्पेस रिजर्वेशन नोटिस (NOTAM) से पाकिस्तान टेंशन में हैं। वहां अभी से खलबली मची हुई है। शहबाज और मुनीर की नींद उड़ी हुई है किया आखिर भारत आसमान में क्या करने जा रहा है। यही कारण है कि भारतीय वायु क्षेत्र में लंबे समय के लिए किए गए नोटैम को लेकर इस्लामाबाद में हाई लेवल बैठक हो रही है। सीएनएन-न्यूज-18 की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के रक्षा अधिकारियों ने भारतीय नोटिस को गंभीरता से लेते हुए संभावित सैन्य गतिविधियों और उसके सुरक्षा प्रभावों का आकलन शुरू कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वायुसेना के NOTAM के सामने आने के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय में एक आपात बैठक हुई। इस बैठक में भारतीय वायु क्षेत्र के आरक्षण, उसकी अवधि और सीमा के नजदीक संभावित हवाई गतिविधियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। मामले की रिपोर्ट पाकिस्तान के शीर्ष रक्षा नेतृत्व के समक्ष भी रखे जाने की बात सामने आई है।
NOTAM यानी Notice to Airmen/Air Missions एक आधिकारिक हवाई सूचना होती है, जिसके जरिए विमानन क्षेत्र से जुड़े लोगों और एजेंसियों को किसी विशेष इलाके में संभावित हवाई गतिविधियों, प्रतिबंधों या अन्य महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में जानकारी दी जाती है। सैन्य विमानन में भी NOTAM का इस्तेमाल प्रशिक्षण, अभ्यास और निर्धारित हवाई गतिविधियों के लिए किया जाता है। ऐसे नोटिस का जारी होना अपने आप में किसी सैन्य कार्रवाई का प्रमाण नहीं होता। हालांकि, जब किसी संवेदनशील सीमा क्षेत्र के आसपास लंबे समय के लिए हवाई क्षेत्र रिजर्व किया जाता है, तो पड़ोसी देश की सुरक्षा एजेंसियां उस पर नजर रखती हैं।
मौजूदा मामले में 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक की अवधि को लेकर पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां विशेष रूप से सतर्क बताई जा रही हैं। इतने लंबे समय तक प्रस्तावित हवाई गतिविधियों को देखते हुए इस्लामाबाद संभावित अभ्यास के स्वरूप, पैमाने और उद्देश्य का आकलन कर रहा है।
सीएनएन-न्यूज-18 ने एक शीर्ष सुरक्षा सूत्र के हवाले से बताया कि भारतीय नोटैम की जानकारी सामने आने के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने इसकी समीक्षा की। इसमें यह समझने की कोशिश की गई कि रिजर्व हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किस तरह की गतिविधियों के लिए किया जा सकता है और इसका पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, समीक्षा केवल सामान्य स्तर तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे पाकिस्तान के शीर्ष रक्षा नेतृत्व तक पहुंचाया गया। बॉर्डर के नजदीक भारतीय सैन्य गतिविधियों से जुड़े किसी भी संभावित बदलाव को लेकर पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां अपने स्तर पर सूचनाएं जुटा रही हैं।
दरअसल, पाकिस्तानी अधिकारियों की चिंता का एक बड़ा कारण दोनों देशों के बीच मौजूद संवेदनशील सुरक्षा वातावरण भी माना जा रहा है। भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से सैन्य और रणनीतिक स्तर पर तनाव की स्थिति रही है। ऐसे में दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे की सैन्य गतिविधियों पर लगातार नजर रखती हैं।
देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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