
भारत ने ढाका में वीजा केंद्र का संचालन फिर से शुरू किया, दो अन्य केंद्रों का कामकाज निलंबित
ढाका में भारतीय वीजा आवेदन केन्द्र में अब काम काज शुरू हो गया है। भारत विरोधी प्रदर्शनकारियों के एक बड़े समूह के भारतीय उच्चायोग की ओर बढ़ने के बाद तनाव बढ़ने के मद्देनजर, आईवीएसी के ढाका केंद्र को बुधवार को अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की गई थी।
भारत ने गुरुवार को ढाका में अपने वीजा आवेदन केंद्र का संचालन से शुरू कर दिया, सुरक्षा संबंधी चिंताओं में वृद्धि के कारण एक दिन पहले इसे बंद कर दिया गया था। हालांकि, बांग्लादेश के अन्य हिस्सों में स्थित इसी तरह के दो अन्य केंद्रों को बंद कर दिया गया है। वहीं, भारत विरोधी प्रदर्शनकारियों ने वहां भारतीय मिशनों की ओर मार्च करने की कोशिश की।
दक्षिण-पश्चिमी खुलना और उत्तर-पश्चिमी राजशाही में स्थित भारतीय वीजा आवेदन केंद्र (आईवीएसी) को सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण बंद कर दिया गया था। यह कदम इन केंद्रों की तरफ विरोध मार्चों के मद्देनजर उठाया गया है। राजशाही में, "भारतीय अधिपोत्तो विरोधी 36 जुलाई मंच" ने भारतीय सहायक उच्चायोग की ओर मार्च करने का प्रयास किया, लेकिन दंगा रोधी उपकरणों से लैस पुलिस ने उन्हें मिशन के पास रोक दिया। जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बैरिकेड को तोड़ने की कोशिश की तो संक्षिप्त झड़प हुई।
सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने भारत विरोधी नारे लगाए। खुलना में, 'भारतीय वर्चस्व के खिलाफ एकता' नामक बैनर के तहत प्रदर्शनकारियों ने भारतीय सहायक उच्चायोग की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन सेना के जवानों और नौसेना के नाविकों ने पुलिस के साथ मिलकर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए मोर्चा संभाला।
खुलना के पुलिस उपायुक्त ताज-उल-इस्लाम ने कहा, “हमने कड़ी निगरानी रखी और प्रदर्शनकारियों को मिशन की ओर बढ़ने से रोका। शांतिपूर्ण रैली करने के बाद वे घटनास्थल से चले गए।” रिपोर्टों में कहा गया है कि दोनों रैलियों में प्रदर्शनकारियों ने भारत पर अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को शरण देने का आरोप लगाया और उन्हें तुरंत वापस लाकर फांसी देने की मांग की।
छात्र-नेतृत्व वाले हिंसक प्रदर्शनों के बाद हसीना पिछले साल भारत चली गयी थी। नवंबर में, एक विशेष न्यायाधिकरण ने मानवता के खिलाफ कथित अपराध करने के मामले में हसीना को मौत की सजा सुनाई। बांग्लादेश में पांच आईवीएसी केंद्र हैं। ढाका, खुलना और राजशाही के अलावा, अन्य दो केंद्र पूर्वोत्तर बंदरगाह शहर चटोग्राम और सिलहट में स्थित हैं। ढाका के जमुना फ्यूचर पार्क में स्थित आईवीएसी राजधानी में सभी भारतीय वीजा सेवाओं के लिए मुख्य एकीकृत केंद्र है।
आईवीएसी के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘ढाका में भारतीय वीजा आवेदन केन्द्र में अब काम काज शुरू हो गया है।’’ भारत विरोधी प्रदर्शनकारियों के एक बड़े समूह के भारतीय उच्चायोग की ओर बढ़ने के बाद तनाव बढ़ने के मद्देनजर, आईवीएसी के ढाका केंद्र को बुधवार को अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की गई थी। ढाका केंद्र ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि आईवीएसी ने बृहस्पतिवार को खुलना और राजशाही में स्थित अपने दोनों केंद्र बंद कर दिए हैं।
वेबसाइट में कहा गया, ‘‘मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि आईवीएसी राजशाही और खुलना आज बंद रहेंगे। जिन आवेदकों को आज आवेदन जमा करने के लिए वक्त दिया गया था, उन्हें बाद में ‘एप्वाइंटमेंट’ दिया जाएगा।’’ इससे पहले बुधवार को विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को तलब किया और ढाका में भारत मिशन के आसपास सुरक्षा संकट पैदा करने संबंधी चरमपंथी तत्वों की घोषणा पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। इसी बीच, ढाका में बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने ढाका में स्थित विदेशी मिशनों को फरवरी में होने वाले चुनावों से पहले पर्याप्त सुरक्षा उपायों का आश्वासन दिया है।

लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी को मीडिया में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।
यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं। मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत कई पुरस्कार जीते हैं।
और पढ़ेंलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




