भारत ने पानी रोका, अब मौसम भी नहीं हो रहा मेहरबान; प्यासा तड़पेगा पाकिस्तान

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Pakistan Weather: इस साल पूरी दुनिया गंभीर अल-नीनो से जूझ रही है। इस कारण न केवल तापमान वृद्धि से तमाम देशों को जूझना पड़ रहा है, बल्कि अतिवृष्टि और अल्पवृष्टि का संकट भी बढ़ रहा है।

पाकिस्तान में जलसंकट।

Pakistan Weather and Water Crisis: भारत और पाकिस्तान के बीच जल को लेकर टकराव बढ़ता जा रहा है। एक साल पहले भारत की ओर से सिंधु जल समझौता स्थगित किए जाने के बाद पाकिस्तान में हालात खराब हैं और मौजूदा अल नीनो संकट से उसकी मुसीबतें और ज्यादा बढ़ सकती हैं। ऐसे में पाकिस्तान की तरफ से कई बार बयानबाजी भी की जा रही हैं, लेकिन भारत ने दो टूक कहा है कि जब तक आतंकवाद जारी रहेगा पाकिस्तान को जल आपूर्ति बंद रहेगी।

वहीं, इस साल पूरी दुनिया गंभीर अल-नीनो से जूझ रही है। इस कारण न केवल तापमान वृद्धि से तमाम देशों को जूझना पड़ रहा है, बल्कि अतिवृष्टि और अल्पवृष्टि का संकट भी बढ़ रहा है। ऐसे में सिंधु जल समझौते के स्थगित होने से पाकिस्तान को न तो भारत से जल मिल रहा है और न ही कोई सूचना। सिंधु बेसिन की नदियों में ज्यादा जल बढ़ने पर उनको छोड़ा जा रहा है और कम होने पर रोका जा रहा है। पाकिस्तान के अपने जल प्रबंधन की नाकामी भी उसकी दिक्कतें बढ़ा रही है, क्योंकि उसके पास जल भंडारण क्षमता बेहद सीमित है।

किदवई डॉक्ट्रिन की चर्चा

पाकिस्तान में जल संकट इतना है कि उसके नेता अब युद्ध और परमाणु हमले की बात कह रहे हैं। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर में मात खा चुके पाकिस्तान को भी पता है कि उसने यदि एक भी गलती की तो भारत का पलटवार उसके लिए बेहद भारी पड़ेगा। ऐसे में पाकिस्तान में किदवई डॉक्ट्रिन की काफी चर्चा है जो पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के बारे में कुछ स्थितियों का उल्लेख करती है।

पलटवार नहीं झेल पाएगा पाकिस्तान

पाकिस्तान में इस तरह की कई स्थितियां बन रही हैं, पर वह यह भी जानता है कि भारत को उसके उन ठिकानों का पता है, जहां वह सटीक पलटवार कर उसकी रीढ़ तोड़ सकता है। इसलिए बयान देना अलग बात है, आगे बढ़ना अलग। दूसरी ओर, भारत ने सिंधु बेसिन में काफी तैयारियां की हैं। वह न केवल जल भंडारण बढ़ा रहा, बल्कि अपने क्षेत्रों में अधिकतम उपयोग भी कर रहा है।

चेनाब व्यास नहर टनल से चेनाब का जल लाएंगे

भारत ने चेनाब पर दुलहस्ती बांध जल विद्युत परियोजना में 70 मीटर ऊंचे व 186 मीटर लंबे बांध में गाद हटाकर और टनल के जरिए ज्यादा भंडारण क्षमता हासिल कर ली है। शाहपुर कंडी बांध परियोजना पूरी होने पर रावी का अतिरिक्त जल पाक नहीं जा सकेगा, वह जम्मू-कश्मीर के कठुआ व सांबा जिलों में मोड दिया जाएगा। चेनाब व्यास नहर टनल से चेनाब का जल व्यास में लाया जाएगा।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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