वादे पूरे करने को फंड की जरूरत, पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों पर बोली कर्नाटक की कांग्रेस सरकार
कर्नाटक सरकार का कहना है कि विकास कार्यों और गारंटी स्कीम्स के लिए फंड की जरूरत है और इसलिए पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की गई है।

कर्नाटक में पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि करने के बाद सरकार ने सफाई दी है। कर्नाटक में वाणिज्य और उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने कहा कि गारंटी वाली स्कीमों को फंड की जरूरत है। इसके अलावा विकास कार्यों में भी पैसे की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दाम बढ़ने के बाद भी कर्नाटक में दूसरे राज्यों से कम दाम में पेट्रोल और डीजल मिल रहा है।
बता दं कि राज्य सराकर ने सेल्स टैक्स बढ़ाकर पेट्रोल पर 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3.5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। वहीं विपक्ष इसको लेकर हमलावर है। कर्नाटक में बीजेपी के अध्यक्ष ने कहा है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया जल्द इस फैसले को वापस ले लें वरना पूरे राज्य में प्रदर्शन होंगे। उन्होंने कहा, लोकसभा चुनाव में हारने के बाद भी मुख्यमंत्री मानने को तैयार नहीं हैं कि राज्य के आर्थिक हालात बिगड़ गए हैं। फ्यूल की कीमतों में वृद्धि बताता है कि सरकार गारंटी स्कीम चलाने में सक्षम नहीं है। सरकार को तत्काल अपने फैसले को वापस लेना चाहिए।
इससे पहले राज्य के वित्त विभाग ने पेट्रोल पर सेल्स टैक्स 25.92 फीसदी से बढ़ाकर 29.84 फीसदी करने और डीजल पर 14.34 से बढ़ाकर 18.44 करने का प्आदेश जारी किया था। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से उसे 2500 से 2800 करोड़ रुपये का सालाना फायदा होगा। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में कर्नाटक की 28 सीटों में से एनडीए को 19 पर जीत हासिल हुई थी।
विपक्ष के नेता आर अशोका ने कांग्रेस सरकार पर हमला करते हुए कहा कि यह कदम जनता के खिलाफ है। बीजेपी का सपोर्ट करने के लिए जनता को सजा दी जा रहा है। उन्होंने कहा, पहले बिना सोचे समझे वादे किए गए और फिर सरकार उन वादों को पूरा करने में सक्षम नहीं है। अब किसी तरह अपने वोट बचाने की कोशिश हो रही है। इसके लिए जनता के सिर पर बोझ बढ़ाया जा रहा है.। बता दें कि इस साल पांच गारंटी स्कीम पूरी करने के लिए कर्नाटक की सरकार ने 52009 करोड़ के फंड का ऐलान किया था।
क्या हैं कांग्रेस की पांच गारंटी स्कीम
कांग्रेस सरकार ने पांच गारंटी स्कीम के तहत 200 यूनिट तक फ्री बिजली, परिवार कि मुखिया महिला को 2000 रुपये की राशि, गरीबी रेखा के नीचे के हर परिवार को पांच किलो अतिरिक्त चावल, बेरोजगार ग्रेजुएट युवाओं को 3000 रुपये हर महीने और सरकारी बसों में महिलाओं की फ्री यात्रा शामिल है।
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Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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