इमरान खान फिट हैं मगर उन्हें बीमार दिखाया जा रहा, कोई बड़ी साजिश है; बहन अलीमा के गंभीर आरोप
अलीमा खान ने आरोप लगाया कि ये सब एक योजना के तहत किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जेल में इमरान खान को क्या दवाएं या अन्य चीजें दी जा रही हैं और परिवार को उनकी मेडिकल रिपोर्ट क्यों नहीं उपलब्ध कराई जा रही।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान ने जेल में उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने दावा किया कि इमरान खान पूरी तरह स्वस्थ हैं, लेकिन उन्हें जानबूझकर कमजोर और बीमार दिखाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर सामने आई उन तस्वीरों का हवाला दिया, जिनमें इमरान खान को व्हीलचेयर पर या बिस्तर पर लेटे हुए दिखाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें कमजोर दिखाने के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।
अलीमा खान ने कहा कि इमरान खान की जान को पहले भी खतरा रहा है और उन्होंने खुद अपनी हत्या की आशंका जताई थी। उन्होंने इमरान की तुलना मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी से किए जाने वाली उनकी आशंका का भी जिक्र किया। रिपोर्ट के मुताबिक, अलीमा खान ने दावा किया कि जेल जाने से पहले इमरान खान को कोई बीमारी नहीं थी, लेकिन हिरासत में रहने के दौरान उनकी सेहत को लेकर कई समस्याएं सामने आईं। पहले इमरान खान से मुलाकातों पर पाबंदियां लगाई गईं और बाद में उनकी नजर 25 प्रतिशत तक कमजोर होने व रक्तचाप से जुड़ी दिक्कतों की जानकारी सामने आई।
मेडिकल रिपोर्ट क्यों नहीं दी जा रही, अलीमा का सवाल
रिपोर्ट के मुताबिक, अलीमा खान ने आरोप लगाया कि ये सब एक योजना के तहत किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जेल में इमरान खान को क्या दवाएं या अन्य चीजें दी जा रही हैं और परिवार को उनकी मेडिकल रिपोर्ट क्यों नहीं उपलब्ध कराई जा रही। उन्होंने अदालत के उन आदेशों को लागू करने की भी मांग की, जिनमें इमरान खान को अपने परिवार और बेटों से संपर्क की सुविधा देने का निर्देश दिया गया है। अलीमा का कहना है कि परिवार तभी इन आदेशों के पालन पर विश्वास करेगा, जब वास्तव में उन्हें लागू किया जाएगा।
अलीमा खान ने इमरान खान को जेल में किताबें मिलने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन सप्ताह में करीब 20 किताबें जेल भेजी गई हैं और एक जज को भी बताया गया कि किताबें वहां पहुंच चुकी हैं। रिपोर्ट में अलीमा के अनुसार बताया गया कि नूरिन नियाजी अब यह पुष्टि करेंगी कि सभी 20 किताबें वास्तव में इमरान खान तक पहुंचाई गई हैं या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी कुछ किताबें इमरान को नहीं दी गई थीं।


