हमसे पूछकर शुरू किया था? ईरान से युद्ध में सहयोगी ढूंढ रहे ट्रंप को इस देश ने दिया झटका

Mar 16, 2026 10:44 pm ISTDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, बर्लिन
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एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध में सहयोगी ढूंढ रहे हैं। दूसरी तरफ उन्हें सहयोगी देशों से झटके लग रहे हैं। ताजा मामला जर्मनी का है। नाटो देश जर्मनी ने ईरान युद्ध से किनारा कर लिया है।

हमसे पूछकर शुरू किया था? ईरान से युद्ध में सहयोगी ढूंढ रहे ट्रंप को इस देश ने दिया झटका

एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध में सहयोगी ढूंढ रहे हैं। दूसरी तरफ उन्हें सहयोगी देशों से झटके लग रहे हैं। ताजा मामला जर्मनी का है। नाटो देश जर्मनी ने ईरान युद्ध से किनारा कर लिया है। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को इस बारे में बयान जारी किया। जर्मन चांसलर ने यहां तक कह डाला कि क्या अमेरिका और इजरायल ने हमसे पूछकर ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया।

कोई सवाल ही नहीं पैदा होता
जर्मन चांसलर मर्ज ने बर्लिन में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहाकि हमें संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ या नाटो से वह मैंडेट नहीं मिला है, जो मूल कानून के तहत आवश्यक है। इसलिए शुरू से ही यह स्पष्ट था कि यह युद्ध नाटो का मामला नहीं है। उन्होंने आगे कहाकि अमेरिका और इजरायल ने इस युद्ध से पहले भी हमारी सलाह नहीं ली थी। जहां तक ईरान का सवाल है, इस मामले में कभी कोई संयुक्त निर्णय नहीं हुआ। इसलिए कोई सवाल ही नहीं उठता कि जर्मनी किसी तरह से सैन्य रूप से इस युद्ध में शामिल होगा।

युद्ध समाधान नहीं
मर्ज ने यहां तक कहाकि इस समस्या का समाधान युद्ध नहीं, बल्कि बातचीत से हो सकता है। उन्होंने कहाकि बम गिराकर सत्ता परिवर्तन का लक्ष्य नहीं हासिल किया जा सकता है। जर्मन चांसलर ने कहाकि नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने मुझे आश्वासन दिया कि देश अपनी तेल और गैस उत्पादन क्षमता का पूर्ण उपयोग करेगा। उन्होंने आगे कहाकि हम रूस पर यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के माध्यम से दबाव बढ़ाना जारी रखेंगे, रूस पर प्रतिबंधों को ढील देने से तेल की कीमतों में कमी नहीं आने वाली है।

इन देशों ने भी बनाई दूरी
गौरतलब है कि ट्रंप ने सहयोगी देशों से मांग की थी कि वह होर्मुज को खुलवाने में मदद करें। हालांकि कई देशों ने इससे दूरी बनाई है। जर्मनी के अलावा स्पेन और इटली उन सहयोगियों में शामिल थे जिन्होंने कम से कम अभी के लिए खाड़ी में किसी मिशन में भाग लेने से इनकार किया। वहीं, ब्रिटेन और डेनमार्क ने कहाकि वे यह सोचेंगे कि वे कैसे मदद कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने तनाव कम करने और युद्ध में फंसने से बचने की जरूरत पर जोर दिया। फ्रांस ने कहा है कि यह संभवतः मदद करेगा।

युद्ध खत्म करने के लिए ठोस योजना की मांग
इससे पहले भी जर्मन चांसलर ईरान के खिलाफ युद्ध खत्म करने के लिए ठोस योजना की बात कर चुके हैं। जर्मन नेता ने शुक्रवार को नॉर्वे में आयोजित सैन्य अभ्यास में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मौजूदगी में यह बात कही। मर्ज ने कहाकि दुनिया एक खतरनाक युद्ध की गवाह बन रही है और ईरान पूरे क्षेत्र के देशों पर अंधाधुंध हमले कर रहा है।

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मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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