ताइवान को लेकर युद्ध हुआ तो अमेरिका को कुचल देगा चीन, पेंटागन के टॉप सीक्रेट ने किया खुलासा
रिपोर्ट में कहा गया है कि वॉर-गेम्स में फोर्ड क्लास जैसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर्स को अक्सर नष्ट होते दिखाया गया है, इसके बावजूद अमेरिकी नौसेना अगले वर्षों में कम से कम 9 और फोर्ड-क्लास कैरियर्स बनाने की योजना रखती है।
एक टॉप-सीक्रेट अमेरिकी सरकारी दस्तावेज ने एक बड़ा खुलासा किया है, जिससे अमेरिका की परेशानी बढ़ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ताइवान को लेकर चीन और अमेरिका के बीच सैन्य संघर्ष की नौबत आती है तो अमेरिका को इसमें करारी हार का सामना करना पड़ेगा। द न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में सरकारी दस्तावेज के हवाले से कई राज खोले हैं।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ताइवान को लेकर अगर चीन अमेरिका के बीच लड़ाकू विमानों, बड़े युद्धपोतों और सैन्य उपग्रहों की मदद से संघर्ष होते हैं तो चीन भारी साबित होगा। ड्रैगान आसानी से दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के हथियारों को नष्ट कर सकता है। इस दस्तावेज को “ओवरमैच ब्रीफ” का नाम दिया गया है, जिसे पेंटागन के ऑफिस ऑफ नेट असेसमेंट ने तैयार किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका महंगे और हमलों के प्रति अधिक संवेदनशील हथियारों पर निर्भर है, जबकि चीन सस्ते लेकिन तकनीकी रूप से अत्याधुनिक हथियारों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
यह खुलासा ऐसे समय आया है जब चीन ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि वह ताइवान मुद्दे में किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को कुचल देगा। जापान द्वारा ताइवान के पास एक द्वीप पर मिसाइलें लगाने की योजना का जिक्र होने पर चीन के ताइवान मामलों के कार्यालय के प्रवक्ता पेंग किंगएन ने कहा, “राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हमारे पास मजबूत इच्छा, दृढ़ संकल्प और सशक्त क्षमता है। हम किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को पूरी तरह कुचल देंगे।”
एनवाईटी की रिपोर्ट के अनुसार, “ओवरमैच ब्रीफ” में चीन की वे क्षमता विस्तार से बताई गई हैं जिनसे वह अमेरिकी लड़ाकू विमान, बड़े युद्धपोत और सैन्य उपग्रहों को निशाना बना सकता है। दस्तावेज में यह भी बताया गया है कि अमेरिकी सैन्य ढांचे में सप्लाई चेन की कमजोरियां कितनी गंभीर हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 2021 में बाइडेन प्रशासन के दौरान जब एक सुरक्षा अधिकारी ने यह रिपोर्ट देखी तो वह हैरान रह गया। उसे इस बात का एहसास हुआ कि अमेरिका के पास जो भी रणनीतिक तरकीबें थीं, चीन के पास उनके लिए कई-कई बैकअप मौजूद थे। दस्तावेज में बताया गया है कि महंगे हथियारों पर अमेरिकी निर्भरता और चीन के सस्ते आधुनिक हथियारों का विकास दोनों मिलकर यह दर्शाते हैं कि अमेरिका की सुपरपावर के खिलाफ युद्ध जीतने की क्षमता कमजोर हो रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वॉर-गेम्स में फोर्ड क्लास जैसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर्स को अक्सर नष्ट होते दिखाया गया है, इसके बावजूद अमेरिकी नौसेना अगले वर्षों में कम से कम 9 और फोर्ड-क्लास कैरियर्स बनाने की योजना रखती है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि वोल्ट टाइफून नामक चीन समर्थित हैकिंग समूह ने उन अमेरिकी सिस्टमों में मैलवेयर डाल दिया है जो बिजली नेटवर्क, संचार लाइनों और जल सेवाओं को नियंत्रित करते हैं। ये सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों के संचालन के लिए जरूरी हैं। इससे किसी संभावित संकट की स्थिति में अमेरिका की सैन्य क्षमता पर गहरा असर पड़ सकता है।

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