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मैंने लाखों लोगों की बचाई जान; नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर सामने आया ट्रंप का बयान

मैंने लाखों लोगों की बचाई जान; नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर सामने आया ट्रंप का बयान

संक्षेप:

यह पुरस्कार माचाडो को मिलने से ट्रंप के लिए व्यक्तिगत झटका माना जा रहा है। उन्होंने बार-बार दावा किया है कि उन्हें चार या पांच बार नोबेल मिलना चाहिए था और हर कोई कहता है कि मैं इसका हकदार हूं।

Oct 11, 2025 05:20 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वाली वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचाडो ने यह पुरस्कार उनके सम्मान में स्वीकार किया है। ट्रंप ने कहा कि माचाडो ने उन्हें फोन कर बताया कि वे यह सम्मान उनकी वजह से ले रही हैं। शनिवार को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ट्रंप ने कहा, “जिस व्यक्ति को नोबेल पुरस्कार मिला, उसने आज मुझे फोन किया और कहा, ‘मैं यह पुरस्कार आपके सम्मान में ले रही हूं, क्योंकि वास्तव में यह आपको मिलना चाहिए था।’ मैंने तो उनसे यह नहीं कहा कि मुझे दे दो, लेकिन लगता है उन्होंने खुद ही यह चाहा। मैं खुश हूं, क्योंकि मैंने लाखों लोगों की जान बचाई है।”

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नॉर्वे की नोबेल कमिटी ने इस वर्ष का शांति पुरस्कार माचाडो को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और तानाशाही से लोकतंत्र की शांतिपूर्ण ओर संक्रमण के प्रयासों के लिए प्रदान किया। कमिटी ने उन्हें वेनेजुएला के नागरिकों के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और न्यायपूर्ण, शांतिपूर्ण संक्रमण की दिशा में अथक संघर्ष के लिए सम्मानित किया।

यह पुरस्कार माचाडो को मिलने से ट्रंप के लिए व्यक्तिगत झटका माना जा रहा है। उन्होंने बार-बार दावा किया है कि उन्हें चार या पांच बार नोबेल मिलना चाहिए था और हर कोई कहता है कि मैं इसका हकदार हूं। पिछले एक वर्ष में ट्रंप ने खुद को “प्रेसिडेंट ऑफ पीस (शांति का राष्ट्रपति)” बताते हुए नोबेल पुरस्कार के लिए खुलकर प्रचार किया था।

सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि उनका “शांति का रिकॉर्ड बेजोड़” है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने “छह या सात युद्धों को समाप्त किया,” जिनमें इजरायल और ईरान, भारत और पाकिस्तान तथा थाईलैंड और कंबोडिया के बीच के विवाद भी शामिल हैं।

ट्रंप को इस वर्ष के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए पाकिस्तान ने औपचारिक रूप से नॉमिनेट किया था। उन्हें “शांति का चैम्पियन” बताया था। माचाडो को यह सम्मान मिलने से पाकिस्तान के लिए भी यह एक राजनयिक असफलता मानी जा रही है।

मारिया कोरीना माचाडो वेनेजुएला की लोकतांत्रिक विपक्ष की प्रमुख नेता हैं। वर्षों से राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की तानाशाही नीतियों के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं।

उनके आंदोलन ने देश में लोकतांत्रिक सुधारों, महिला अधिकारों और राजनीतिक स्वतंत्रता की दिशा में अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाया। उनकी अहिंसक मुहिम और शांतिपूर्ण संवाद पर जोर ने उन्हें वैश्विक स्तर पर लोकतांत्रिक साहस की प्रतीक बना दिया है।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha
कंप्यूटर साइंस में पोस्ट ग्रैजुएट हिमांशु शेखर झा करीब 9 वर्षों से बतौर डिजिटल मीडिया पत्रकार अपनी सेवा दे रहे हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश के अलावा राष्ट्रीय राजनीति पर अच्छी पकड़ है। दिसंबर 2019 में लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े। इससे पहले दैनिक भास्कर, न्यूज-18 और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में भी काम कर चुके हैं। हिमांशु बिहार के दरभंगा जिला के निवासी हैं। और पढ़ें

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