मेरे पास बैकअप प्लान, सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ वाले फैसले पर क्या बोले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

लाइव हिन्दुस्तान, वॉशिंगटन
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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लगाने के फैसले को गैरकानूनी बता दिया गया है। इस फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया आई है। ट्रंप ने कहा है कि उनके पास बैकअप प्लान है।

Donald Trump

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लगाने के फैसले को गैरकानूनी बता दिया गया है। इस फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया आई है। ट्रंप ने कहा है कि उनके पास बैकअप प्लान है। ट्रंप ने अमेरिकी राज्यों के गवर्नर की एक मीटिंग को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को शर्मनाक बताया। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप अन्य कानूनों का सहारा लेकर फिर से टैरिफ लगा सकते हैं। इन नियमों में 1930 के टैरिफ अधिनियम की धारा 338, 1962 के ट्रेड एक्सपेंशन अधिनियम की धारा 232, 1974 के ट्रेड अधिनियम की धारा 201, 1974 के ट्रेड अधिनियम की धारा 301 और 1974 के ट्रेड अधिनियम की धारा 122 शामिल हैं।

अर्थव्यवस्था के लिए बताया झटका
राष्ट्रपति इस मामले में मुखर रहे हैं और इसे अमेरिकी इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण मामलों में से एक बताया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ फैसला आना देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका होगा। सर्वेक्षणों से पता चला है कि आम जनता में शुल्क व्यापक रूप से लोकप्रिय नहीं हैं। खासकर बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को लेकर मतदाताओं की चिंताओं के बीच, लोग इन शुल्कों को सकारात्मक रूप में नहीं देख रहे हैं। संविधान कांग्रेस को शुल्क लगाने का अधिकार देता है।

ट्रंप प्रशासन ने दलील दी कि 1977 का वह कानून जो राष्ट्रपति को आपात स्थितियों के दौरान आयात को विनियमित करने की अनुमति देता है, उन्हें शुल्क निर्धारित करने की भी अनुमति देता है। प्रशासन ने कहा कि अन्य राष्ट्रपतियों ने भी इस कानून का इस्तेमाल कई बार किया है, अक्सर प्रतिबंध लगाने के लिए, लेकिन ट्रंप आयात करों के लिए इसका इस्तेमाल करने वाले पहले राष्ट्रपति थे। ट्रंप ने अप्रैल 2025 में ज्यादातर देशों पर ‘पारस्परिक’ शुल्क लगाए, ताकि व्यापार घाटे को दूर किया जा सके, जिसे उन्होंने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया था।

कई देशों पर लगाया था टैरिफ
ये कदम तब उठाए गए जब उन्होंने कनाडा, चीन और मैक्सिको पर शुल्क लगाए, जिसका मकसद कथित तौर पर मादक पदार्थों की तस्करी की आपात स्थिति से निपटना था। इसके बाद कई मुकदमे दायर किए गए। चुनौती देने वालों ने दलील दी कि आपातकालीन शक्तियों के कानून में शुल्क का उल्लेख तक नहीं है और ट्रंप द्वारा इसका उपयोग कई कानूनी समीक्षाओं में विफल रहता है, जिसमें एक ऐसी समीक्षा भी शामिल है जिसने तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन के 500 अरब अमेरिकी डॉलर के छात्र ऋण माफी कार्यक्रम को विफल कर दिया था।

कांग्रेस बजट कार्यालय के अनुसार, ट्रंप द्वारा लगाए गए शुल्क का आर्थिक प्रभाव अगले दशक में लगभग तीन ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है। दिसंबर के संघीय आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रपति द्वारा आपातकालीन शक्तियों कानून के तहत लगाए गए आयात करों से राजकोष ने 133 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि एकत्र की है।

Deepak Mishra

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Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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