दुश्मन देश, ईरानी सेना की निगाहें; फिर अमेरिका ने अपने पायलटों को कैसे बचाया
ईरान में लापता हुए अमेरिकी फाइटर पायलट को बचा लिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को इस बारे में दावा किया। उनका कहना है कि पायलट घायल है, लेकिन वह बिल्कुल ठीक हो जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि उसने ईरान के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में शरण ली थी।

ईरान में लापता हुए अमेरिकी फाइटर पायलट को बचा लिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को इस बारे में दावा किया। उनका कहना है कि पायलट घायल है, लेकिन वह बिल्कुल ठीक हो जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि उसने ईरान के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में शरण ली थी। अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, बचाव अभियान में दर्जनों विमान शामिल थे और अमेरिका उसकी लोकेशन पर 24 घंटे नजर रखे हुए था तथा उसके बचाव की सावधानीपूर्वक योजना बना रहा था। हालांकि ईरान का कहना है कि पायलट को बचाने का अमेरिकी अभियान विफल रहा और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक सी-130 सहायक विमान को मार गिराया गया। आइए जानते हैं कैसे चला ईरान में अमेरिकी बचाव अभियान...
जैसे ही शुक्रवार को अमेरिका का एफ-15ई क्रैश हुआ, अमेरिका ने एक बेहद हाई लेवल का तलाशी और बचाव अभियान शुरू कर दिया। वहीं, ईरान ने भी दुश्मन पायलट के ऊपर इनाम रख दिया। इसमें कहा गया कि जो कोई भी अमेरिकी पायलट को पकड़कर लाएगा, उसे इनाम दिया जाएगा। इस युद्ध के दौरान यह पहली बार हुआ है जब ईरान ने किसी अमेरिकी एयरक्राफ्ट को मार गिराया है। इससे पहले, कुवैत के एयर डिफेंस में फ्रेंडली फायर में तीन एफ-15 मार गिराए गए थे।
पहाड़ी में ले रखा था कवर
जानकारी के मुताबिक दोनों एफ-15 पायलटों और वेपंस सिस्टम अधिकारी ने खुद को इजेक्ट करने के बाद अपने कम्यूनिकेशन सिस्टम से संपर्क किया। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक अफसरों ने एक पहाड़ी में कवर ले रखा था। काफी समय तक तो अमेरिकी अफसर भी उन्हें तलाश नहीं पाए। वहीं, ईरान को भी इस दिशा में सफलता नहीं मिल रही थी। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक वेपंस सिस्टम अधिकारी का पता चलने से पहले, सीआईए ने एक धोखाधड़ी अभियान चलाया। उसने जानबूझकर ईरान में एक झूठी खबर फैला दी कि अमेरिकी सेना ने गुम हुए पायलटों का पता लगा लिया है और उन्हें निकालने की कोशिश हो रही है।
सीआईए ने निभाई बड़ी भूमिका
ठीक इसी समय, अमेरिकी एजेंसी ने खास क्षमता का इस्तेमाल करके उनकी पोजीशन का पता लगा लिया। अधिकारी ने बताया कि सीआईए ने बाद में पेंटागन, अमेरिकी सेना और वाइट हाउस को इन अमेरिकी सैनिकों की जानकारी दी। इसके बाद ट्रंप ने तत्काल रेस्क्यू मिशन चलाने का आदेश दिया। एफ-15ई लड़ाकू जेट को ईरान के उस हिस्से में नीचे गिरा दिया गया जहां ईरानी सरकार के खिलाफ काफी विरोध है। ऐसे में माना जा रहा था कि अमेरिकी विमान चालक को वहां पर स्थानीय निवासियों से मदद और आश्रय मिल सकता है।
ईरान ने किया रोकने का प्रयास
अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्सियोस को अधिकारियों ने बताया कि ईरान के इस्लामी क्रांति गार्ड कॉर्प्स ने भी बचाव को रोकने के प्रयास में क्षेत्र में बल तैनात किए। इसके अलावा ईरानी सेना ने अमेरिकी वायु सेना के विमानों पर हमले भी किए, ताकि उन्हें उस जगह पहुंचने से रोक सकें। लेकिन एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के मुताबिक सभी कमांडो और वेपंस अधिकारी सुरक्षित लौट आए। बाद में बचाव विमान घायल एयरमैन को इलाज के लिए कुवैत ले जाया गया।
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Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।
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