जल रहा था नेपाल, यहां हो रही थी वर्चुअल मीटिंग; ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को बना दिया देश की ‘संसद’
सोशल मीडिया पर प्रतिबंध ने नेपाल में इतना बड़ा आंदोलन कराया। प्रधानमंत्री ओली को पद छोड़कर भागना पड़ा। संसद भंग हो गई। अब सोशल मीडिया ने फिर से नेपाल में बड़ी भूमिका निभाई है।
सोशल मीडिया पर प्रतिबंध ने नेपाल में इतना बड़ा आंदोलन कराया। प्रधानमंत्री ओली को पद छोड़कर भागना पड़ा। संसद भंग हो गई। फिर सोशल मीडिया पर सजी चौपाल। 10 हजार से अधिक नागरिकों की वर्चुअल मीटिंग। एक युवा ने तो इस देश की संसद तक कह डाला। इसी प्लेटफॉर्म पर नेपाल की जेन जी ने नई अंतरिम प्रधानमंत्री के नाम पर मुहर लगाई।

जेन जी के आंदोलन के बाद नेपाल में सियासी हालात नियंत्रण के बाहर थे। मंगलवार को सरकार गिर चुकी थी और सेना ने पूरे काठमांडू में कर्फ्यू लगा रखा था। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने पर भी पाबंदी थी। राजनीतिक अस्थिरता के बीच नेपाली युवा डिस्कॉर्ड नाम के प्लेटफॉर्म पर जुटने शुरू हुए। यह प्लेटफॉर्म वीडियो गेमर्स के बीच काफी पॉपुलर है। अब यह नेशनल कन्वेंशन के डिजिटल वर्जन के रूप में उभरा।
एक रिपोर्ट के मुताबिक नेपाली युवाओं के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 23 साल के घिमरी ने कहा कि नेपाल की संसद अब डिस्कॉर्ड है। घिमरी काठमांडू का एक कंटेंट क्रिएटर है। उसकी यह बात दिखाती है कि यह प्लेटफॉर्म कैसे नेपाल के सियासी फैसले का केंद्र बन गया। डिस्कॉर्ड चैनल पर जुटने वाले लोग, वॉयस मैसेज, वीडियो और टेक्स्ट चैटिंग के जरिए बातचीत करते थे।
यह बहस कितनी गंभीर होती थी, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नेशनल टीवी पर इसका प्रसारण हुआ। इसके अलावा न्यूज वेबसाइट्स पर भी इसकी लाइव स्ट्रीमिंग हुई। इस चैनल के आयोजक हामी नेपाल के सदस्य थे। नेपाल आर्मी चीफ ने भी इस चैनल के आयोजकों से बात की और अंतरिम प्रधानमंत्री का नाम आगे बढ़ाने के लिए कहा। बताया जाता है कि लंबी चर्चाओं और कई बार हुई वोटिंग के बाद बुधवार शाम तक डिस्कॉर्ड ग्रुप ने सुशीला कार्की का नाम फाइनल किया और देश की सेना से उनके मिलने का प्रस्ताव पास किया।

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