Hindi Newsविदेश न्यूज़how israel attack on qatar could open new front and what islamic countries will do
अब क्या करेंगे इस्लामिक देश, कतर पर हमला करके इजरायल ने पार की एक और रेड लाइन

अब क्या करेंगे इस्लामिक देश, कतर पर हमला करके इजरायल ने पार की एक और रेड लाइन

संक्षेप:

पाकिस्तान, अल्जीरिया, सऊदी अरब, यूएई समेत कई मुसलमान देशों ने इन हमलों की निंदा की है और इसे पूरे मिडल ईस्ट के लिए खतरनाक बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस हमले को गलत बताया है और कहा कि इसकी लोकेशन ठीक नहीं थी।

Wed, 10 Sep 2025 09:23 AMSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, दोहा
share Share
Follow Us on

लेबनान, गाजा, सीरिया में हमलों के बाद इजरायल ने अब कतर पर भी हमला बोल दिया है। यह वही कतर है, जहां हमास के साथ उसकी मध्यस्थता वाली बैठकें चल रही थीं। लेकिन इजरायल ने जिस तरह से मंगलवार को ताबड़तोड़ हमले दोहा के अंदर घुसकर किए हैं, उसने मिडल ईस्ट में एक नई आग लगा दी है। पाकिस्तान, अल्जीरिया, सऊदी अरब, यूएई समेत कई मुसलमान देशों ने इन हमलों की निंदा की है और इसे पूरे मिडल ईस्ट के लिए खतरनाक बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस हमले को गलत बताया है और कहा कि इसकी लोकेशन ठीक नहीं थी।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

फिर भी एक बात दिलचस्प है कि ना तो कतर ने ही इजरायल पर किसी तरह के ऐक्शन की बात कही है और ना ही सऊदी अरब या तुर्की जैसे किसी बड़े मुस्लिम देश का कोई सख्त बयान है। कोरी निंदा से आगे बढ़ते हुए ये देश नहीं दिख रहे हैं। इस बीच इजरायल का कहना है कि उसने कतर पर हमले नहीं किए बल्कि हमास को टारगेट करने के मकसद से अटैक किया है। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि हमास का गाजा चीफ खलील अल-हय्या भी इस हमले में मारा गया है। इसके अलावा कुछ और सीनियर कमांडर भी ढेर हुए हैं। वहीं हमास का दावा है कि उसके कमांडर इस हमले में बच गए हैं।

वहीं कतर के मीडिया के एक वर्ग ने इन लोगों के मारे जाने की बात कही है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी का कहना है कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है। इससे कतर और उसमें रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा को एक बड़ा खतरा पैदा हुआ है। दरअसल कतर ने भले ही इजरायली हमले की निंदा की है, लेकिन उसके पास जंग में उतरने का भी विकल्प नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि वह अमेरिका पर ही हथियारों के लिए निर्भर है और लंबे समय से उसका सहयोगी है। ऐसे में अमेरिका से दुश्मनी मोल लेने से कतर भी बचना चाहेगा। लेकिन इस्लामिक मुल्कों में साख बचाए रखने के लिए निंदा भी की जा रही है।

बता दें कि इजरायल पर 7 अक्तूबर, 2023 को जो भीषण हमला हुआ था, उसके बाद से ही यहूदी देश गाजा पर हमले कर रहा है। इजरायल की शर्त है कि हमास हथियार डाल दे, तभी जंग रुकेगी। वहीं हमास का कहना है कि हम हथियार नहीं छोड़ेंगे क्योंकि हमारी रक्षा के लिए यह जरूरी है। इजरायल ने तो सोमवार को यहां तक कहा था कि यदि हमास हथियार डाल दे तो आज ही जंग थम जाएगी। इस बीच अल्जीरिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सत्र बुलाने की मांग की है ताकि इजरायली हमले पर चर्चा की जा सके।

Surya Prakash

लेखक के बारे में

Surya Prakash
दुनियादारी में रुचि पत्रकारिता की ओर खींच लाई। समकालीन राजनीति पर लिखने के अलावा सामरिक मामलों, रणनीतिक संचार और सभ्यतागत प्रश्नों के अध्ययन में रुचि रखते हैं। करियर की शुरुआत प्रिंट माध्यम से करते हुए बीते करीब एक दशक से डिजिटल मीडिया में हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में नेशनल, इंटरनेशनल डेस्क के इंचार्ज हैं। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।