युद्ध में भी ईरान ने कर ली मोटी कमाई, आखिर हमलों के बीच भी कैसे मिल रही ताकत

Apr 07, 2026 10:06 am ISTSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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ईरान ने जंग के बीच तेल बेचकर मोटी कमाई ही की है, जिससे जनता के बीच किसी तरह की अव्यवस्था नहीं है और वह बिना किसी आर्थिक संकट के जंग में मजबूती से लड़ रहा है। रॉयटर्स ने मार्च के एक्सपोर्ट डेटा का जो एनालिसिस किया है, उसके मुताबिक इराक, कुवैत और कतर को बड़ा नुकसान हुआ है।

युद्ध में भी ईरान ने कर ली मोटी कमाई, आखिर हमलों के बीच भी कैसे मिल रही ताकत

इजरायल और अमेरिका के साथ जारी जंग में ईरान को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। उसके शीर्ष नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई तो 28 फरवरी को जंग के पहले ही दिन मारे गए थे। इसके बाद भी कई नेताओं को टारगेट अटैक में इजरायल और अमेरिका ने मार गिराया है। एक तरह से ईरान की टॉप लीडरशिप ही इन हमलों में पूरी तरह खत्म हो गई है। फिर भी ईरान ने पीछे हटने के संकेत नहीं दिए हैं और वह अपनी शर्तों पर ही जंग खत्म करने की बात कर रहा है। इसके पीछे ईरान के मजबूत इरादे एक वजह हैं तो दूसरी बात यह भी है कि उसकी तेल से होने वाली कमाई पर जंग के बीच भी कोई खास असर नहीं पड़ा है।

यही नहीं उलटे उसने मोटी कमाई ही की है, जिससे जनता के बीच किसी तरह की अव्यवस्था नहीं है और वह बिना किसी आर्थिक संकट के जंग में मजबूती से लड़ रहा है। रॉयटर्स ने मार्च के एक्सपोर्ट डेटा का जो एनालिसिस किया है, उसके मुताबिक इराक, कुवैत और कतर को बड़ा नुकसान हुआ है। उनके तेल निर्यात में बड़ी गिरावट आई है, लेकिन सऊदी अरब और ईरान जैसे मुसलमान देशों का निर्यात तो बढ़ा ही है। इसके कारण ईरान ने मार्च महीने में बीते साल की तुलना में 1.5 अरब डॉलर ज्यादा कमा लिए हैं।

ईरान की कमाई में हो गई 37 फीसदी की बढ़ोतरी

इस संघर्ष के बीच ईरान के तेल से आने वाले रेवेन्यू में 37 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसके अलावा ओमान के राजस्व में भी 26 पर्सेंट की वृद्धि हुई है। सऊदी अरब को भी इस संघर्ष में घाटा नहीं हुआ है। उसने इस दौरान 4.3 फीसदी की राजस्व वृद्धि हासिल की है। हालांकि संयुक्त अरब अमीरात को नुकसान हुआ है। उसके रेवेन्यू में 2.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। सऊदी अरब ने मार्च महीने में 13.5 अरब डॉलर की कमाई की है, जो कि बीते साल 13 अरब डॉलर ही था। रॉयटर्स के अनुसार सऊदी अरब का तेल निर्यात घटा है, लेकिन कीमतों में उछाल ने कम एक्सपोर्ट के बाद भी खजाना भर दिया है।

सऊदी अरब को भी जंग से नहीं हुआ नुकसान

सऊदी अरब के लिए यह अच्छी स्थिति है, जबकि वह पहले भी तेल से इतर अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना चाहता है। ऐसी स्थिति में यदि तेल के कारोबार से भी उसे फायदा हुआ है तो यह बेहतर स्थिति है। बता दें कि ईरान ने इस संकट के बीच भी कई देशों को तेल का एक्सपोर्ट जारी रखा है। वहीं रूस की ओर से एक्सपोर्ट कम किया गया है तो ईरान के तेल की डिमांड में भी कोई कमी नहीं आई है। माना जा रहा है कि इसी के चलते अब अमेरिका और इजरायल ईरान की तेल फैसिलिटीज पर हमले करना चाहते हैं ताकि उसकी आर्थिक गतिविधियों को कमजोर किया जा सके।

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