सीजफायर पर मुनीर और शरीफ ने कैसे बदला ट्रंप का मिजाज? ईरान को नहीं हो रहा भरोसा

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एक तरफ जहां दुनिया इस विस्तार को सकारात्मक मान रही है, वहीं ईरान के भीतर इसे लेकर अविश्वास की स्थिति है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कलीबाफ के एक सलाहकार ने ट्रंप की इस घोषणा को एक चाल करार दिया है।

सीजफायर पर मुनीर और शरीफ ने कैसे बदला ट्रंप का मिजाज? ईरान को नहीं हो रहा भरोसा

दुनिया एक और भीषण युद्ध की आहट से सहमी हुई थी, तभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाले फैसले में ईरान के साथ जारी युद्धविराम को बढ़ाने की घोषणा कर दी है। ट्रंप का यह यूटर्न पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के व्यक्तिगत अनुरोध के बाद आया है।

बुधवार सुबह तक डोनाल्ड ट्रंप का रुख बेहद सख्त था। CNBC को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने स्पष्ट कहा था कि वे युद्धविराम बढ़ाने के मूड में नहीं हैं क्योंकि समय बहुत कम है। उन्होंने यहां तक चेतावनी दी थी कि यदि कोई समाधान नहीं निकला, तो वे बमबारी शुरू कर देंगे। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर उन्होंने विस्तार की घोषणा की।

उन्होंने ईरानी सरकार को गंभीर रूप से खंडित बताया। ट्रंप ने स्वीकार किया कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और जनरल आसिम मुनीर ने उनसे अनुरोध किया था कि तेहरान को एक एकीकृत प्रस्ताव लाने का समय दिया जाए और तब तक हमले रोक दिए जाएं।

इस घोषणा के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपनी ईमानदार कोशिशें जारी रखेगा। शरीफ ने यह भी पुष्टि की कि ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की वार्ता पाकिस्तान में ही आयोजित होगी, हालांकि इसकी तारीख का खुलासा अभी नहीं किया गया है।

ईरान का संशय- यह अचानक हमले की साजिश है

एक तरफ जहां दुनिया इस विस्तार को सकारात्मक मान रही है, वहीं ईरान के भीतर इसे लेकर अविश्वास की स्थिति है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कलीबाफ के एक सलाहकार ने ट्रंप की इस घोषणा को एक चाल करार दिया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका युद्धविराम के नाम पर समय लेकर अचानक हमला करने की योजना बना रहा है। ईरानी नेतृत्व के एक धड़े ने अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी के खिलाफ सैन्य प्रतिक्रिया देने की मांग भी तेज कर दी है।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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