होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने आएंगे जेलेंस्की? बोले- हमें बहुत अनुभव, कोई मदद मांगे तो…

Apr 03, 2026 08:33 pm ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
share

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि अगर दूसरे देश उससे होर्मुज के लिए मदद मांगते हैं, तो वह इसे खोलने में मदद करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को काले सागर में रूस की नाकेबंदी को तोड़ने और अनाज निर्यात सुरक्षित करने का अनुभव है। 

होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने आएंगे जेलेंस्की? बोले- हमें बहुत अनुभव, कोई मदद मांगे तो…

Hormuz Strait: पश्चिम एशिया में जारी संकट ने पूरी दुनिया को ऊर्जा संकट में धकेल दिया है। ईरान ने होर्मुज को बंद करके रखा है और लगातार अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर रहा है। इस वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था लगातार खतरे में बनी हुई है। अब इस बीच में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की होर्मुज पर दुनिया की मदद करने की पेशकश की है। रूस के साथ अपने काले सागर के अनुभव को साझा करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि अगर इस युद्ध में शामिल देश चाहें, तो वह यूक्रेन के 'ग्रेन कॉरिडोर' तकनीक के बारे में बता सकते हैं, जिससे उन्होंने काले सागर के जलमार्गों के जरिए अनाज के निर्यात को सुनिश्चित किया था।

होर्मुज स्ट्रेट में जारी संकट पर बात करते हुए जेलेंस्की ने रूस के साथ अपने युद्ध के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि रूस से जमीन, आसमान और समंदर में लड़ते हुए यूक्रेन ने कुछ बेहतरीन तकनीकों का विकास किया है। होर्मुज के समुद्री रास्ते को खोलने में वह इन अनुभवों को कई देशों के साथ साझा कर सकते हैं। जेलेंस्की ने कहा, "आज की तारीख में मुझे ऐसा नहीं लगता कि यूक्रेन से ज्यादा किसी भी देश को समुद्री नाकाबंदी हटाने का अनुभव है। मुझे नहीं लगता कि कोई अकेला देश इस नाकाबंदी को हटा सकता है। इसके लिए संयुक्त प्रयास करने की जरूरत है। यूक्रेन की बात करें, तो रूस द्वारा काला सागर में नाकेबंदी लगाई गई थी। हमारी सेना ने उसे खोला और अपने अनाज के निर्यात को जारी रखा। यूक्रेन को समुद्री नाकेबंदी खोलने का अनुभव है। होर्मुज की स्थिति भी लगभग वैसी ही है, ऐसे में हम मदद कर सकते हैं।"

जेलेंस्की ने दिया खुला सुझाव

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने प्रमुखता से अपने कुछ सुझावों को साझा भी किया। उन्होंने लिखा, "ईरान के खिलाफ युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की कूटनीति एक साथ चलाी जा सकती है। किसी भी मुद्दे का राजनयिक समाधान खोजना ही सर्वोत्तम है। लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो हमें दूसरा रास्ता अपनाना होगा।"

बात को आगे बढ़ाते हुए जेलेंस्की ने कहा, "वैकल्पिक रास्ते के रूप में हमें होर्मुज पर एकतरफा नियंत्रण स्थापित करना होगा। ठीक वैसा ही कुछ जैसा यूक्रेन ने काले सागर में अनाज के गलियारे के साथ किया था। हमें इसे हासिल करने के लिए डिफेंस फाइटर जेट्स, बड़े जहाज और सैन्य काफिले और एक इलेक्ट्रोनिक डिफेंस नेटवर्क तैयार करना होगा।"

जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि होर्मुज स्ट्रेट खोलने में मदद करने के लिए यूक्रेन तैयार है। लेकिन जब तक कोई हमसे कहता नहीं है, तब तक हम इसमें शामिल नहीं है। अभी तक किसी ने भी हमसे इसे खोलने में शामिल होने का अनुरोध नहीं किया है। अगर भविष्य में हमारे सहयोगी इसका उपयोग करना चाहें, तो हम तैयार रहेंगे।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।