
धधकती आग, गिरता मलबा और चीखें… हांगकांग की इमारत में कैसी लगी इतनी भीषण आग? 36 की मौत
जानकारी के मुताबिक मेन्टेनेंस दौरान बांस के मचानों में लगी आग देखते ही देखते 7 टावरों में फैल गई। हादसे में 36 लोगों की मौत हो गई है। वहीं दर्जनों लोग घायल हुए हैं।
बुधवार को हांगकांग की एक इमारत में भीषण आग लगने से कई जिंदगियां तबाह हो गई। देश के ताई पो जिले में एक मेगा हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में लगी इस भीषण आग ने 36 लोगों की जान ले ली। घटनास्थल से सामने आईं तस्वीरें भयावह हैं। सोशल मीडिया पर इमारत के कुछ विडियोज में सामने आए हैं जिसमें आग का भयावह रूप दिख रहा है। वहीं मलबे के बीच लोगों की चीख पुकार भी सुनाई दे रही है। अब इस आग के लगने की बेहद चौंकाने वाली वजह सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक यह आग कॉम्प्लेक्स में चल रहे मेंटेनेंस के दौरान लगी थी और पास लगे बांस के मचानों की वजह से तेजी से भड़क उठी। इसके बाद आग ने देखते ही देखते 7 टावरों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। वांग फुक कोर्ट नाम के इस हाउसिंग एस्टेट में 8 टावर और करीब 2,000 फ्लैट्स हैं। इनमें करीब 4,800 लोग रहते हैं।
अधिकारियों के मुताबिक आग दोपहर में शुरू हुई और देर रात तक इस पर काबू नहीं पाया जा सका है। हांगकांग के नेता जॉन ली ने बताया की कि इस हादसे में 36 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं 29 लोग घायल हुए हैं।
आग की चपेट में आईं इमारतें
कॉम्प्लेक्स में मेंटेनेंस का काम चल रहा था और आग बांस के मचान के सहारे लगी थी। वहीं से आग तेजी से कंस्ट्रक्शन के दौरान लगाए गए नेट में फैलते हुए बिल्डिंग्स में फैल गई। हवा और गिरते मलबे ने आग को और भड़का दिया। फायर ऑपरेशंस के डेप्युटी डायरेक्टर डेरेक आर्मस्ट्रॉन्ग चान ने बताया कि अंदर का तापमान बेहद अधिक था और गिरते मचानों से रेस्क्यू टीम ऊपर तक नहीं पहुंच पा रही थी।
128 फायर ट्रक और 57 एंबुलेंस मौजूद
सैकड़ों पुलिस और फायरकर्मी घंटों से बचाव कार्य में लगे हुए हैं। जानकारी के मुताबिक मौके पर 128 फायर ट्रक और 57 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। वहीं करीब 700 लोगों को शेल्टर में भेजा गया। पास के हाईवे को भी बंद करना पड़ा। देर रात तक लोग अपने लापता परिवारजनों को खोजने पहुंचते रहे।

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