
हिंदुओं को वोट देना हराम, बांग्लादेश में चुनाव से पहले ही होने खतरनाक ऐलान; उतर पड़े कट्टरपंथी
बांग्लादेश में चुनाव करीब आते ही कट्टरपंथी लोगों ने हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलना शुरू कर दिया है। कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिसमें मौलवी और मौलाना हिंदुओं को काफिर बताते नजर आते हैं।
बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले हिंदुओं के खिलाफ नफरत की दुकानें खुल गई हैं। मौलाना और मौलवी चीख-चीखकर हिंदुओं के खिलाफ जहर उगल रहे हैं और लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे हिंदू या फिर अन्य गैर मुसलमान प्रत्याशियों का समर्थन ना करें। एक वीडियो में एक अज्ञात मौलाना कह रहे हैं कि हिंदू प्रत्याशी या फिर 'काफिरों' को वोट देना हराम है। वहीं एक अन्य वीडियो में एक मौलाना हिंदुओं के धार्मिक स्थलों को तहस-नहस करने की धमकी देते हैं।
वह कहते हैं, बांग्लादेश में मंदिर का मतलब तबाही है, मूर्तियों का मतलब केवल तबाही है। बांग्लादेश में ना कोई हिंदू रह सकता है और ना ही कोई इस्कोन वाला। दिल्ली के दलालों को बांग्लादेश से चले जाना चाहिए। बता दें कि बांग्लादेश में मोहम्मद यूसुफ की अंतरिम सरकार में इस्कोन और हिंदूओं को जमकर निशाना बनाया गया है। भारत ने बांग्लादेश से कहा है कि वह कट्टरपंथी तत्वों से निपटे और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने कहा कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी हिंदू नागरिकों और कारोबारियों को टारगेट कर रहे हैं। यह बहुत ही चिंता की बात है। बता दें कि हाल ही में 25 साल के मिथुन सरकार ने कट्टरपंथियों की भीड़ से बचने के लिए नहर में छलांग लगा दी और उनकी मौत हो गई। उनपर लोगों ने चोरी का आरोप लगाया था। इशी तरह एक हिंदू की कुछ बदमाशों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। मोनी चक्रवर्ती को गोली मार दी गई। इस तरह से कम से कम 7 से 8 घटनाएं हैं जिनमें कट्टरपंथियों ने हिंदुओं की नृशंस हत्या कर दी।
ब्रिटेन ने भी की बांग्लादेश में हिंसा की निंदा
ब्रिटेन सरकार ने बांग्लादेश में ‘‘हर तरह की हिंसा’’ की निंदा की और शांतिपूर्ण एवं विश्वसनीय चुनाव कराने की अपील की है। बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की हत्याओं का मुद्दा ब्रिटिश संसद के निचले सदन ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में उठाये जाने पर ब्रिटेन सरकार ने यह बात कही।
विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने बृहस्पतिवार को संसद में एक वक्तव्य में लेबर पार्टी नीत सरकार से अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि (बांग्लादेश में) फरवरी में होने वाले चुनाव ‘‘स्वतंत्र और निष्पक्ष’’ हों। ब्रिटिश हिंदुओं के लिए सर्वदलीय संसदीय समूह (एपीपीजी) के अध्यक्ष ब्लैकमैन ने ब्रिटिश संसद सदस्यों से कहा कि हिंदुओं की हत्या और उनके मंदिरों को जलाए जाने की ‘‘भयावह स्थिति’’ से वह ‘‘स्तब्ध’’ हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘सड़कों पर खुलेआम हिंदुओं की हत्या की जा रही है, उनके घर जलाये जा रहे हैं, मंदिरों में आग लगायी जा रही है तथा अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की भी ऐसी ही दशा है।’’ उन्होंने कहा, “अगले महीने तथाकथित स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होने वाले हैं। बांग्लादेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टी अवामी लीग को इन चुनाव में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जबकि जनमत सर्वेक्षण के अनुसार, उसे लगभग 30 प्रतिशत समर्थन प्राप्त है।’’उन्होंने कहा, “इसी तरह, इस्लामी चरमपंथियों ने एक जनमत संग्रह का आह्वान किया है जो बांग्लादेश के संविधान को हमेशा के लिए बदल देगा।”

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Ankit Ojhaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




