भारतवंशी ने की छात्र की हत्या, आपस में क्यों भिड़ गए अमेरिका-ब्रिटेन? पीएम स्टार्मर ने वेंस को लताड़ा

लाइव हिन्दुस्तान, लंदन
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हेनरी नोवाक मर्डर केस को लेकर अमेरिका और ब्रिटेन में राजनीतिक ठन गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान पर ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने तीखा पलटवार किया है।

भारतवंशी ने की छात्र की हत्या, आपस में क्यों भिड़ गए अमेरिका-ब्रिटेन? पीएम स्टार्मर ने वेंस को लताड़ा

ब्रिटेन के 18 वर्षीय छात्र हेनरी नोवाक की हत्या के मामले ने अब अमेरिका और ब्रिटेन के बीच एक राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा इस हत्याकांड को 'प्रवासियों की घुसपैठ' से जोड़ने के बाद, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। स्टार्मर ने अमेरिका पर इशारों-इशारों में ब्रिटेन के लोकतंत्र में दखल देने और समाज में बंटवारा पैदा करने का आरोप लगाया है। हेनरी नोवाक की हत्या का दोषी एक भारतीय मूल के सिख युवक को ठहराया गया है।

क्या है हेनरी नोवाक मर्डर केस?

साल 2025 में 18 साल के ब्रिटिश छात्र हेनरी नोवाक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में ब्रिटेन में ही जन्मे 23 वर्षीय सिख युवक विक्रम सिंह दिगवा को दोषी ठहराया गया है। ब्रिटिश अदालत ने उसे आजीवन कारावास (कम से कम 21 साल की सजा) सुनाई है।

यह मामला तब और गरमा गया था, जब एक फुटेज सामने आया। इसमें पुलिस घायल और खून से लथपथ हेनरी को हथकड़ी लगाते हुए दिखी थी, जबकि वह खुद को घटना का पीड़ित बता रहा था। इस असंवेदनशील रवैये के बाद पुलिस की भारी आलोचना हुई थी और ब्रिटेन में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने क्या कहा?

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस घटना का ठीकरा ब्रिटेन की प्रवासी नीतियों पर फोड़ा। उन्होंने लिखा कि हेनरी की मौत उसी तरह हुई, जैसे किसी 'सभ्यता का पतन' होता है। उसे उन अधिकारियों ने हथकड़ी लगाई और लावारिस छोड़ दिया, जिन्होंने उस पर न तो भरोसा किया और न ही उसकी परवाह की।

वेंस ने 'यूरोपीय अभिजात वर्ग' पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उन्होंने बड़े पैमाने पर हो रहे 'प्रवास' का कड़ा विरोध किया होता, तो हेनरी आज जिंदा होता। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विदेश विभाग ने भी ब्रिटेन की पुलिसिंग की आलोचना करते हुए इसे 'सभ्यता के पतन' का संकेत बताया था।

ब्रिटिश पीएम स्टार्मर का कड़ा पलटवार

अमेरिकी नेताओं की इस बयानबाजी पर डाउनिंग स्ट्रीट (ब्रिटिश पीएम कार्यालय) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सरकार के प्रवक्ता ने बिना नाम लिए कहा, "यह हमारे लोकतंत्र में हस्तक्षेप करने और समाज में नफरत व विभाजन पैदा करने की कोशिश है।"

प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ किया कि बाहरी आवाजों को हमारे देश की बहस का एजेंडा तय करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इसके साथ ही, ब्रिटिश मंत्रियों ने अमेरिका के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें ब्रिटेन में 'दोहरी न्याय प्रणाली' होने की बात कही गई थी। ब्रिटेन ने स्पष्ट किया है कि देश में पुलिस का काम बिना किसी डर या पक्षपात के होता है।

अकाल तख्त और पीड़ित परिवार की अपील

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए ब्रिटेन की अदालत द्वारा सिख युवक को दी गई उम्रकैद की सजा का समर्थन किया है। जत्थेदार ने कहा कि यह सजा अपराध के मुताबिक है और इसमें कोई धार्मिक छूट नहीं दी गई है। सिख समुदाय अदालत के इस फैसले को स्वीकार करता है।

वहीं, पीएम कीर स्टार्मर ने पीड़ित परिवार की भावनाओं का हवाला देते हुए नेताओं से अपील की है। परिवार ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि वे नहीं चाहते कि उनके बेटे की मौत का इस्तेमाल समाज में और अधिक विभाजन, नफरत या तनाव पैदा करने के लिए किया जाए। राजनीति का काम मुश्किल समय में भी लोगों को एक साथ लाना होना चाहिए।

Amit Kumar

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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