भारतीयों से ऐसी नफरत, अमेरिकी सीनेटर ने मंदिर तक को नहीं छोड़ा; बालाजी टेंपल पर क्या बोल गए?
श्मिट के इस बयान की खूब आलोचना हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग उनके पोस्ट को भड़काऊ बताते हुए यह भी कह रहे हैं कि पोस्ट करने से पहले उन्हें तथ्यों को जांच लेने की जरूरत है।

अमेरिका के सीनेटर ने हाल ही में भारतीयों के खिलाफ एक बेहद भड़काऊ और नफरती बयान दिया है। रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर एरिक श्मिट ने H-1B वीजा प्रोग्राम के तहत US में भारतीयों की एंट्री पर सवाल उठाए हैं। इस दौरान उन्होंने भारतीयों को निशाना बनाते बनाते मंदिर तक को नहीं छोड़ा और उसे गिरोह का हिस्सा बता दिया। श्मिट के इस बयान पर बवाल मच गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में श्मिट ने हैदराबाद के प्रसिद्ध चिल्कूर बालाजी मंदिर का जिक्र किया है। बता दें कि इस मंदिर को वीजा मंदिर भी जाता है। उन्होंने भारतीय वीजा आवेदकों और अमेरिकी आईटी कंपनियों को एक 'वीजा कार्टेल' बताया है और कहा है कि यह मंदिर भी उसी का हिस्सा है। गौरतलब है कि अमेरिका द्वारा जारी किए जाने वाले कुल H-1B वीजा में से करीब 70-80 प्रतिशत हिस्सा भारतीयों का होता है। इसके मुकाबले चीन की हिस्सेदारी महज 12 प्रतिशत के आसपास है।
'बिग टेक' कंपनियों पर भी आरोप लगाया
श्मिट ने अपने पोस्ट में लिखाई H-1B, L-1 और F-1 जैसे वीजा प्रोग्राम की वजह से स्थानीय अमेरिकियों का वेतन कम हो रहा है और उनकी नौकरियां भी छिन रही हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भारतीय छात्रों को सब्सिडी वाले वर्क परमिट मिलते हैं, जिससे अमेरिकी ग्रेजुएट्स को नुकसान होता है। अमेरिकी सीनेटर ने 'बिग टेक' कंपनियों पर भी आरोप लगाया और कहा कि वे 'मेरिट' की जगह 'जातीय पक्षपात' को बढ़ावा दे रही हैं। श्मिट ने आगे कहा कि भारतीय वीजा धारक इंटरव्यू के दौरान पूछे जाने वाले गोपनीय सवाल आपस में शेयर करते हैं, जिससे उन्हें आसानी से वीजा मिल जाता है।
बालाजी मंदिर पर क्या बोले?
श्मिट ने चिल्कूर बालाजी मंदिर की तस्वीर साझा करते हुए इसे भारतीयों और 'वीजा कार्टेल' का मंदिर बताया। उन्होंने लिखा, “हैदराबाद में वीजा कार्टेल का अपना 'वीजा मंदिर' है, जहां हजारों भारतीय देवताओं की परिक्रमा करते हैं और अमेरिकी वर्क वीजा के लिए पासपोर्ट पर आशीर्वाद लेते हैं। अमेरिकियों को ऐसे 'गेम्ड' सिस्टम के खिलाफ प्रतिस्पर्धा नहीं करनी चाहिए।”
चिल्कूर मंदिर क्यों कहलाता है वीजा टेंपल?
हैदराबाद में स्थित चिल्कूर बालाजी मंदिर दशकों से ऐसे छात्रों और आईटी प्रोफेशनल्स के बीच बेहद लोकप्रिय है जो विदेश जाने की इच्छा रखते हैं। मान्यता है कि यहां आने से मनोकामना पूरी होती है। भक्त यहां अपनी वीजा फाइल जमा करने से पहले 11 परिक्रमा करते हैं और मनोकामना पूरी होने पर 108 परिक्रमा करने आते हैं। इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां कोई दान पेटी नहीं है और न ही वीआईपी दर्शन की व्यवस्था है।
लेखक के बारे में
Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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