ग्रीक पुलिस ने पाक-अफगान प्रवासियों को बना दिया 'सीमा के गुर्गे', इस काम में कर रही इस्तेमाल

Devendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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Greece-Turkiye Border: ग्रीक पुलिस पाकिस्तान, अफगानिस्तान और सीरिया समेत कई देशों के प्रवासियों को भर्ती कर रही है। इन तथाकथित 'मास्क्ड मर्सिनरीज' का इस्तेमाल तुर्की से लगती एवरोस भूमि सीमा पर अन्य प्रवासियों को हिंसक तरीके से बाहर धकेलने के लिए किया जा रहा है।

ग्रीक पुलिस ने पाक-अफगान प्रवासियों को बना दिया 'सीमा के गुर्गे', इस काम में कर रही इस्तेमाल

ग्रीक पुलिस पाकिस्तान, अफगानिस्तान और सीरिया समेत कई देशों के प्रवासियों को भर्ती कर रही है। इन तथाकथित 'मास्क्ड मर्सिनरीज' (नकाबपोश किराए के सैनिकों) का इस्तेमाल तुर्की से लगती एवरोस भूमि सीमा पर अन्य प्रवासियों को हिंसक तरीके से बाहर धकेलने के लिए किया जा रहा है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रीक पुलिस वर्ष 2020 से कम से कम इस प्रथा का सहारा ले रही है। इन प्रवासियों को नकद राशि, लूटे गए मोबाइल फोन और कुछ मामलों में ऐसे दस्तावेज दिए जाते हैं, जिनसे वे ग्रीस में अपेक्षाकृत स्वतंत्र रूप से घूम सकें। पुलिस के आंतरिक दस्तावेजों से पता चलता है कि इन समूहों की भर्ती और उनके उपयोग की पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश और निगरानी में ही हो रही थी।

प्रत्यक्षदर्शियों और प्रभावित प्रवासियों के बयानों में आरोप लगाया गया है कि एवरोस सीमा क्षेत्र में सैन्यीकृत अभियानों के दौरान इन भर्ती किए गए प्रवासियों को निर्वस्त्र कर पीटा जाता है, लूटा जाता है और कुछ मामलों में यौन उत्पीड़न तक किया जाता है। क्षेत्र के एक पुलिस सूत्र ने बीबीसी को बताया कि ऐसे समूहों के जरिए प्रति सप्ताह सैकड़ों लोगों को जबरन पीछे धकेला जा रहा है। बीबीसी ने अपनी जांच में प्रवासियों, पूर्व किराए के सैनिकों, पुलिस सूत्रों, आधिकारिक दस्तावेजों, लीक हुए प्रतिलेखों और सीमा पर हुई घटनाओं के वीडियो फुटेज का हवाला दिया है।

फ्रोंटेक्स (यूरोपीय सीमा एजेंसी) के मौलिक अधिकार कार्यालय की एक रिपोर्ट में भी पाया गया कि 10 से 20 तीसरे देशों के नागरिक ग्रीक अधिकारियों के निर्देश पर काम कर रहे थे। इन पर आरोप है कि उन्होंने प्रवासियों को जबरन तुर्की वापस भेजने से पहले उन्हें धमकाना, मारना और यौन तलाशी जैसा दुर्व्यवहार किया। एक सीमा रक्षक ने अनुशासनात्मक सुनवाई में भाड़े के सैनिकों द्वारा महिला प्रवासियों के साथ बलात्कार की शिकायतों का जिक्र भी किया। अन्य ने अत्यधिक हिंसा का वर्णन किया, जिसमें पीड़ितों को बेहोश होने तक मारना शामिल है।

गौरतलब है कि एवरोस क्षेत्र ग्रीस और तुर्की के बीच लगभग 200 किलोमीटर लंबी सीमा है और यह यूरोपीय संघ की बाहरी सीमा का हिस्सा है। जून 2023 में एक घटना में ग्रीक क्षेत्र में घुसने के बाद नकाबपोश लोगों ने प्रवासियों पर घात लगाकर हमला किया था।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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