ईरान से सात साल बाद कच्चा तेल खरीद रहा भारत, कब तक पहुंच जाएगा जहाज?
सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्प ने ईरान से यह कार्गो खरीदा है। यह कार्गो अभी कुराकाओ के झंडे वाले एक बहुत बड़े क्रूड कैरियर जया पर है, जो भारत के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है और इस हफ्ते के आखिर तक यहां पहुंचने की उम्मीद है।
Iran US Ceasefire: मिडिल ईस्ट में पिछले महीनेभर से ज्यादा समय से तनाव बना हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए भले सीजफायर हो गया हो, लेकिन अब भी पूरी दुनिया पर हमेशा के लिए संकट नहीं टला है। इस युद्ध की वजह से दुनिया पर ऊर्जा संकट पैदा हो गया था। ऐसे में भारत सात साल से भी ज्यादा समय बाद ईरान से कच्चे तेल का आयात कर रहा है। इस हफ्ते के आखिरी तक जहाज भारत के तट तक पहुंच जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान से तेल खरीदने पर लगे प्रतिबंधों से महीनेभर की छूट दी थी।
भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर सबसे ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। उसने मई, 2019 के बाद ईरान से कोई भी तेल नहीं खरीदा, लेकिन अब अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच फिर से नई दिल्ली तेहरान से तेल खरीद रही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, LSEG और Kpler के शिप ट्रैकिंग डेटा से बुधवार को पता चला कि अमेरिका द्वारा ईरानी तेल और रिफाइंड प्रोडक्ट्स पर लगाए गए प्रतिबंधों को सप्लाई की कमी दूर करने के लिए कुछ समय के लिए हटाने के बाद, भारत सात साल में पहली बार ईरान से तेल पाने के लिए तैयार है।
डेटा के अनुसार, सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्प ने यह कार्गो खरीदा है। यह कार्गो अभी कुराकाओ के झंडे वाले एक बहुत बड़े क्रूड कैरियर 'जया' पर है, जो भारत के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है और इस हफ्ते के आखिर तक यहां पहुंचने की उम्मीद है। देश की सबसे बड़ी रिफाइनर, इंडियन ऑयल ने इस मामले पर टिप्पणी के लिए रॉयटर्स के ईमेल का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया। LSEG की शिप ट्रैकिंग से पता चलता है कि 'जया' भारत आने से पहले, शुरू में चीन में माल उतारने के लिए दक्षिण-पूर्वी एशियाई जलक्षेत्र में गया था।
डेटा से यह भी पता चलता है कि एक और जहाज, जॉर्डन, भारत को अपनी डिलीवरी की जगह के तौर पर दिखा रहा है। भारत के तेल मंत्रालय ने पिछले हफ्ते कहा कि रिफाइनरों ने ईरानी तेल खरीदा है, क्योंकि मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली सप्लाई में रुकावट आई है। इस स्ट्रेट से आम तौर पर दुनिया की कुल कच्चे तेल की सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। मंत्रालय ने पिछले हफ्ते यह भी कहा कि रिफाइनरों को ईरानी तेल खरीदने के लिए पेमेंट करने में किसी भी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
युद्धविराम से कच्चे तेल का वायदा भाव 18 प्रतिशत टूटा
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बीच बुधवार को कच्चे तेल के वायदा भाव में भारी गिरावट आई और यह 18 प्रतिशत लुढ़ककर 8,775 रुपये प्रति बैरल पर आ गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल में आपूर्ति वाले कच्चे तेल के अनुबंध का वायदा भाव छह प्रतिशत टूटकर 10,029 रुपये प्रति बैरल पर खुला था। बाद में यह और लुढ़कता हुआ 1,894 रुपये या 17.75 प्रतिशत फिसलकर 8,775 रुपये प्रति बैरल पर आ गया। यह मंगलवार को करीब चार प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10,990 रुपये प्रति बैरल के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था।
लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
परिचय, अनुभव एवं शिक्षा
वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।
यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं।
मीडिया में अवॉर्ड्स.
मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत एक दर्जन से ज्यादा पुरस्कार जीते हैं।
विशेषज्ञता
देश-विदेश की राजनीति पर गहरी पकड़
यूपी-बिहार समेत सभी राज्यों की खबरों को कवर करने का व्यापक अनुभव
विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव, संसद की कार्यवाही को लंबे समय से कवर किया
ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज, एनालिसिस स्टोरीज, एशिया, मिडिल ईस्ट, पश्चिमी देशों की खबरों को कवर करने का एक दशक से ज्यादा का एक्सपीरियंस
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


