
चीन-अमेरिका में बन गई बात, ड्रैगन का US को 'स्पेशल' तोहफा; ट्रंप को खुश करेगा ये फैसला
संक्षेप: चीन के परिवहन मंत्रालय ने सोमवार को बड़ी घोषणा की, जिसमें अमेरिकी कंपनियों, संगठनों और व्यक्तियों के स्वामित्व वाले या संचालित जहाजों पर विशेष बंदरगाह शुल्क को पूरे एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया। यह छूट स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:01 बजे से लागू हो चुकी है।
चीन के परिवहन मंत्रालय ने सोमवार को बड़ी घोषणा की, जिसमें अमेरिकी कंपनियों, संगठनों और व्यक्तियों के स्वामित्व वाले या संचालित जहाजों पर विशेष बंदरगाह शुल्क को पूरे एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया। यह छूट स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:01 बजे से लागू हो चुकी है। चीन ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी जहाजों पर लगने वाले इस 'स्पेशल बंदरगाह शुल्क' को 12 महीनों के लिए निलंबित किया जा रहा है, और बदले में वाशिंगटन ने भी चीनी जहाजों पर शुल्क लगाने की प्रक्रिया रोक दी है।

मंत्रालय के आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह निलंबन उन जहाजों पर लागू होता है जो अमेरिका द्वारा संचालित या निर्मित हैं और चीनी बंदरगाहों पर आते-जाते हैं। यह प्रभाव सोमवार को ठीक 13:01 बजे (जीएमटी 05:01) से शुरू हो गया। इसके साथ ही बीजिंग ने दक्षिण कोरिया की प्रमुख जहाज निर्माण कंपनी हान्वा ओशन की अमेरिकी सहायक इकाइयों पर लगे प्रतिबंधों को भी एक वर्ष के लिए हटा लिया है।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने ऑनलाइन जारी बयान में कहा कि 10 नवंबर से शुरू होकर हान्वा के खिलाफ ये प्रतिबंध एक साल तक निलंबित रहेंगे। यह कदम अमेरिका के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें चीन के निर्मित और संचालित जहाजों पर बंदरगाह शुल्क रोक दिए गए थे। बयान में बताया गया है कि अमेरिका के इस निलंबन के जवाब में... चीन ने संबंधित कदमों को एक वर्ष के लिए स्थगित करने का फैसला किया है।
बता दें कि अक्टूबर में चीन ने हान्वा की पांच अमेरिकी सहायक कंपनियों पर पाबंदी लगा दी थी। इन पर आरोप था कि उन्होंने अमेरिकी सरकार की 'धारा 301' जांच का समर्थन किया, जिसमें चीन के जहाज निर्माण क्षेत्र में उसके वर्चस्व को अनुचित ठहराया गया था। इन प्रतिबंधों के तहत चीनी संगठनों और व्यक्तियों को हान्वा शिपिंग एलएलसी, हान्वा फिली शिपयार्ड इंक, हान्वा ओशन यूएसए इंटरनेशनल एलएलसी, हान्वा शिपिंग होल्डिंग्स एलएलसी और एचएस यूएसए होल्डिंग्स कॉर्प के साथ किसी भी सहयोग से रोका गया था।
परिवहन मंत्रालय के अनुसार, 'धारा 301' जांच के चीन के जहाज निर्माण उद्योग और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ने वाले असर की जांच को भी एक साल के लिए टाल दिया गया है, ताकि दोनों पक्षों के हितों की रक्षा हो सके। बता दें कि अमेरिका और चीन पिछले कई महीनों से व्यापारिक तनाव और टैरिफ युद्ध में फंसे हुए थे, लेकिन पिछले महीने दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की बैठक के बाद दोनों देशों ने कुछ मुद्दों से पीछे हटने पर सहमति जताई थी।

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