बांग्लादेश में नहीं थम रहा हिंदुओं पर अत्याचार, काली मंदिर में हुई चोरी; भारत से क्या कनेक्शन

Oct 11, 2024 10:14 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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  • प्रधानमंत्री मोदी ने मार्च 2021 में बांग्लादेश की अपनी यात्रा के दौरान जेशोरेश्वरी मंदिर को यह मुकुट भेंट किया था। पीढ़ियों से मंदिर की देखभाल करने वाले परिवार की सदस्य ज्योति चट्टोपाध्याय ने बांग्लादेशी मीडिया को बताया कि मुकुट चांदी से बना था और उस पर सोने की परत चढ़ी हुई थी।

बांग्लादेश में नहीं थम रहा हिंदुओं पर अत्याचार, काली मंदिर में हुई चोरी; भारत से क्या कनेक्शन

शेख हसीना के द्वारा गद्दी छोड़े जाने के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार बढ़ चुका है। पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश ऐसा दूसरा राष्ट्र हो गया है जहां हिंदुओं को प्रताड़ित किया जाने लगा है। पड़ोसी देश में हिंदुओं के त्योहारों और मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के सतखीरा में जेशोरेश्वरी मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भेंट किया गया देवी काली का मुकुट चोरी हो गया है।

बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार के अनुसार, चांदी का सोने की परत चढ़ा हुआ मुकुट गुरुवार दोपहर को चोरी हो गया। मंदिर के पुजारी दिन भर की पूजा के बाद घर चले गए थे, इसी दौरान यह चोरी हुई है। चोरी की जानकारी सबसे पहले सफाई कर्मचारियों को मिली। उन्होंने देखा कि देवी के सिर से मुकुट गायब है।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने मार्च 2021 में बांग्लादेश की अपनी यात्रा के दौरान जेशोरेश्वरी मंदिर को यह मुकुट भेंट किया था। पीढ़ियों से मंदिर की देखभाल करने वाले परिवार की सदस्य ज्योति चट्टोपाध्याय ने बांग्लादेशी मीडिया को बताया कि मुकुट चांदी से बना था और उस पर सोने की परत चढ़ी हुई थी।

चोरी हुआ मुकुट भक्तों के लिए सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है। हिंदू पौराणिक कथाओं में जेशोरेश्वरी मंदिर को भारत और पड़ोसी देशों में फैले 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। माना जाता है कि सतखीरा के ईश्वरीपुर में स्थित इस मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में अनारी नामक ब्राह्मण ने करवाया था। उन्होंने जशोरेश्वरी पीठ के लिए 100 दरवाजों वाला मंदिर बनवाया था। बाद में 13वीं शताब्दी में लक्ष्मण सेन ने इसका जीर्णोद्धार करवाया और राजा प्रतापादित्य ने 16वीं शताब्दी में मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया।

अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि भारत मंदिर में एक बहुउद्देशीय सामुदायिक हॉल का निर्माण करेगा। उन्होंने कहा कि यह स्थानीय लोगों के लिए सामाजिक, धार्मिक और शैक्षिक आयोजनों के लिए उपयोगी होना चाहिए। साथ ही यह चक्रवात जैसी आपदाओं के समय सभी के लिए आश्रय का काम करेगा।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


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