दिन में मशहूर आर्किटेक्ट, रात में सीरियल किलर! पिज्जा के टुकड़े से जाल में फंसा हत्यारा

Amit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, न्यूयॉर्क
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गिलगो बीच मर्डर केस का दशकों पुराना रहस्य सुलझ गया है। मशहूर आर्किटेक्ट रेक्स ह्युएरमैन ने खौफनाक हत्याओं का जुर्म कबूल लिया है। पढ़ें दोहरी जिंदगी जीने वाले इस सीरियल किलर की पूरी इनसाइड स्टोरी।

दिन में मशहूर आर्किटेक्ट, रात में सीरियल किलर! पिज्जा के टुकड़े से जाल में फंसा हत्यारा

1993 से 2010 के बीच न्यूयॉर्क शहर एक खौफनाक सिलसिलेवार हत्याओं की गिरफ्त में था। महिलाओं की गला घोंटकर हत्या की जाती थी और उनके शरीर के टुकड़ों को एक एलीट तटीय इलाके में फेंक दिया जाता था। दशकों तक जांचकर्ताओं को चकमा देने वाले इस 'गिलगो बीच मर्डर केस' में अब एक बड़ा और निर्णायक मोड़ आया है। इस घटना पर नेटफ्लिक्स ने 'गोन गर्ल्स: द लॉन्ग आइलैंड सीरियल किलर' नाम से एक असली-क्राइम डॉक्युमेंट्री सीरीज भी बनाई है। अब, लॉन्ग आइलैंड के एक 62 वर्षीय आर्किटेक्ट, रेक्स ह्युएरमैन ने इन नृशंस हत्याओं को अंजाम देने की बात अदालत में स्वीकार कर ली है।

पीड़ितों के परिवारों को मिला 'इंसाफ'

ह्युएरमैन के जुर्म कबूलने से उस मामले का अंत हो गया है जिसने पुलिस को बहुत परेशान किया, पीड़ितों के परिवारों को जीवन भर का दर्द दिया और ट्रू-क्राइम में दिलचस्पी रखने वालों को सालों तक उलझाए रखा। ह्युएरमैन की एक शिकार की बहन, मेलिसा कैन ने भावुक होते हुए कहा: यह उम्मीद का एक लंबा सफर था- यह उम्मीद कि एक दिन हम यहां खड़े होंगे और इंसाफ के साथ उसका नाम ले सकेंगे। आज, वह लंबा और दर्दनाक सफर हमें इस मुकाम तक ले आया है।

कैसे शुरू हुआ गिलगो बीच केस?

इस मामले की परतें 2010 में 23 वर्षीय शैनन गिल्बर्ट के लापता होने के बाद खुलनी शुरू हुईं। शैनन ने 911 पर 21 मिनट का एक कॉल किया था, जिसमें उसने घबराते हुए कहा था, 'कोई मेरे पीछे पड़ा है... कोई मेरे पीछे है, कृपया मदद करें।' शैनन की तलाश के दौरान ओशन पार्कवे के घने जंगलों में पुलिस को इंसान के कम से कम 10 शवों के अवशेष मिले, जिससे एक सीरियल किलर की तलाश शुरू हुई।

'गिलगो फोर'

शुरुआती चार शिकार महिलाओं को 'गिलगो फोर' का नाम दिया गया- मेलिसा बार्थेलेमी, मौरीन ब्रेनार्ड-बार्न्स, एम्बर लिन कॉस्टेलो और मेगन वाटरमैन। ये सभी महिलाएं 20 से 30 वर्ष की उम्र के बीच थीं और एस्कॉर्ट के रूप में काम करती थीं। बता दें कि शैनन गिल्बर्ट का शव दिसंबर 2011 में मिला था। अधिकारियों का मानना है कि उसकी मौत संभवतः एक दुर्घटना थी और वह सीधे तौर पर गिलगो बीच के हत्यारे का शिकार नहीं थी।

कौन है रेक्स ह्युएरमैन? (दोहरी जिंदगी की कहानी)

एक दशक तक मामला ठंडे बस्ते में रहने के बाद, फरवरी 2022 में एक नई मल्टी-एजेंसी टास्क फोर्स बनी। एक महीने के भीतर ही रेक्स ह्युएरमैन मुख्य संदिग्ध बनकर उभरा। वह एक सफल और जाना-माना आर्किटेक्ट था, जो मैनहट्टन में 'RH Consultants & Associates' नाम की कंपनी चलाता था। उसका लालन-पालन लॉन्ग आइलैंड के एक अच्छे इलाके में हुआ था। उसकी शादी आसा एलेरुप से हुई थी और उनके दो बच्चे हैं।

उसके पड़ोसियों के अनुसार वह एक शांत और सामान्य व्यक्ति था, लेकिन एक पूर्व पड़ोसी ने कहा कि वह जरूर दोहरी जिंदगी जी रहा होगा- एक आम आदमी जो काम पर जाता है, परिवार के साथ एक अच्छे इलाके में रहता है, लेकिन साइड में लोगों की हत्याएं कर रहा है। उसके साथ काम करने वाले लोगों ने उसे 'घमंडी' बताया, जो हमेशा ऐसा व्यवहार करता था जैसे मैं एक्सपर्ट हूं, तुम किस्मत वाले हो कि मैं तुम्हारे साथ हूं।

कैसे पकड़ा गया हत्यारा? (सबूतों की कड़ियां)

पुलिस ने ह्युएरमैन और उसके परिवार की गुप्त निगरानी शुरू की। उसे पकड़ने में तीन अहम सबूतों ने भूमिका निभाई।

  1. पिकअप ट्रक: 2010 में एक पीड़िता के गायब होने के समय एक चश्मदीद ने एक पिकअप ट्रक देखा था। गाड़ी के डेटाबेस ने इस ट्रक को ह्युएरमैन से जोड़ दिया।
  2. बर्नर फोन: ह्युएरमैन ने पीड़ितों से संपर्क करने के लिए कई बर्नर फोन का इस्तेमाल किया था। सेलफोन के डेटा और लोकेशन ट्रैकिंग से पता चला कि ये फोन ह्युएरमैन के घर और मैनहट्टन ऑफिस के आस-पास से ही इस्तेमाल किए गए थे।
  3. डीएनए मैच: पुलिस ने उसके मैनहट्टन ऑफिस के बाहर कचरे में फेंके गए एक पिज्जा बॉक्स से डीएनए सैंपल लिया। लैब में जांच करने पर यह डीएनए उस बाल से मैच हो गया, जो मेगन वाटरमैन के शव को लपेटने वाली बोरी पर मिला था।

आखिरकार जुलाई 2023 में डीएनए मैच होने के बाद ह्युएरमैन को गिरफ्तार कर लिया गया।

तलाशी में क्या मिला?

पुलिस ने 12 दिनों तक उसके घर की तलाशी ली। उसके घर के बेसमेंट में एक छिपी हुई तिजोरी मिली जिसमें 279 हथियार थे। उसके कंप्यूटर पर हत्याओं का एक ब्लूप्रिंट मिला, जिसमें शोर को कम करने, शवों को साफ करने और सबूत नष्ट करने के तरीके लिखे हुए थे।

अदालत में कबूलनामा (8 अप्रैल)

ह्युएरमैन ने मान लिया कि उसने बर्नर फोन से पीड़ितों को पैसों का लालच देकर बुलाया। उसने यह भी माना कि उसने हत्याएं नासाउ काउंटी में स्थित अपने घर पर कीं (जहां वह पत्नी और बेटी के साथ रहता था) और फिर शवों को बोरियों में लपेटकर सफोल्क काउंटी में गिलगो बीच के पास फेंक दिया।

अब मिलेगी सजा

आगामी 17 जून को ह्युएरमैन को फर्स्ट-डिग्री मर्डर के लिए बिना पैरोल के उम्रकैद और सेकंड-डिग्री मर्डर के चार मामलों में 25 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा सुनाई जाएगी। सफोल्क काउंटी के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी रे टियरनी ने मीडिया से बात करते हुए इस पूरे मामले का सार कुछ यूं बयां किया: यह आरोपी हमारे बीच एक आम पिता और पारिवारिक व्यक्ति होने का नाटक कर रहा था, जबकि असलियत में, वह मानसिक रूप से बीमार था और मासूम महिलाओं को मौत के घाट उतारने के लिए उनका शिकार कर रहा था।

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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