भारत के राफेल को बताया था फेल, अब चीन के लिए जासूसी करने में धराया पूर्व नेवी पायलट
पूर्व फ्रांसीसी पायलट ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चर्चा में आया था। तब उसने भारत के राफेल को लेकर मनगढ़त दावे किए थे। अब एक सनसनीखेज खुलासे के साथ ही उसकी पोल खुली है।

भारतीय वायुसेना के सबसे एडवांस्ड लड़ाकू विमान राफेल के खिलाफ बयान देने और चीनी लड़ाकू विमानों की वाहवाही करने वाले पूर्व फ्रांसीसी नौसेना पायलट को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। हाल ही में इस पायलट पर चीन के लिए जासूसी करने के आरोप लगे हैं। फ्रांसीसी सेना की खुफिया जानकारी को लीक करने के गंभीर आरोपों में उसे पेरिस में हिरासत में ले लिया गया है और पूछताछ जारी है।
इस पायलट का नाम पियरे हेनरी चूएट है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक पियरे पर गंभीर आरोप लगे हैं और चीन संग सांठगांठ को लेकर जांच एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। उस पर विदेशी ताकत के साथ खुफिया जानकारी साझा करने, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी खुफिया जानकारियों का खुलासा करने और देश हित की जानकारी चोरी करने जैसे गंभीर आरोप तय किए गए हैं।
राफेल की बुराई, चीन की वाहवाही
गौरतलब है कि भारत ने सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देने के लिए मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। 4 दिनों तक बनी युद्ध की स्थिति के बीच ही हेनरी ने अपने यूट्यूब चैनल पर कई वीडियो बनाए थे। उसने झूठा दावा किया था कि पाकिस्तानी वायुसेना के चीनी निर्मित J-10C विमान ने भारत के एक राफेल को मार गिराया है। हेनरी ने एक के बाद एक कई मनगढ़त दावे किए। उसने चीन में बने J-10C, JF-17 और PL-15 मिसाइल को राफेल किलर बताते हुए चीनी तकनीक का बढ़-चढ़कर प्रचार भी किया था।
हालांकि हेनरी के इस दावे में कोई सच्चाई नहीं थी। भारतीय वायुसेना और राफेल बनाने वाली कंपनी डसॉल्ट एविएशन ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया था। वहीं जून 2026 में भारतीय वायुसेना द्वारा जारी आरएफपी (RFP) से साफ हो गया कि भारत के पास पूरे 36 के 36 राफेल सुरक्षित और बेड़े में तैनात हैं।
चीन को बेचे नौसेना के राज?
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक हेनरी पर आरोप हैं कि उसने फ्रांसीसी नौसेना में रहते हुए देश को धोखा दिया। आरोपों में कहा गया है कि 2018 और 2019 में जब वह फ्रांसीसी नौसेना में था, तब उसने अधिकारियों को बिना बताए चीन की दो सीक्रेट यात्राएं कीं। यही नहीं उसने दक्षिण अफ्रीकी फ्लाइंग स्कूल के जरिए चीन की सेना के पायलटों को कई गुप्त ट्रेनिंग दी। अब फ्रांसीसी एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई की है।
बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है जब चीन ने पश्चिमी देशों के पूर्व लड़ाकू पायलटों को लालच देकर अपनी सेना को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल किया हो। फरवरी 2026 में अमेरिका ने भी अपने एक पूर्व F-35 पायलट को चीनी पायलटों को ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार किया था। वहीं अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया पहले ही चेतावनी जारी कर चुके हैं कि चीन NATO देशों के पूर्व सैनिकों को निशाना बना रहा है।


