फ्रांस की फर्स्ट लेडी की साइबर बुलिंग; 10 लोगों को अदालत ने ठहराया दोषी
पेरिस की एक अदालत ने फ्रांस की प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों के ऑनलाइन उत्पीड़न के मामले में सोमवार को 10 लोगों को दोषी ठहराया। अदालत ने सभी दोषियों को साइबर बुलिंग जागरूकता प्रशिक्षण से लेकर आठ महीने की निलंबित कारावास तक की सजा सुनाई।
पेरिस की एक अदालत ने फ्रांस की प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों के ऑनलाइन उत्पीड़न के मामले में सोमवार को 10 लोगों को दोषी ठहराया। अदालत ने सभी दोषियों को साइबर बुलिंग जागरूकता प्रशिक्षण से लेकर आठ महीने की निलंबित कारावास तक की सजा सुनाई। ब्रिजिट मैक्रों को निशाना बनाकर कथित ट्रांसजेंडर पहचान और कथित बाल यौन शोषण के बारे में फैलाए गए झूठे दावों का उल्लेख करते हुए अदालत ने 'विशेष रूप से अपमानजनक, आपत्तिजनक और दुर्भावनापूर्ण' टिप्पणियों की ओर इशारा किया।
दोषी ठहराए गए लोगों में 41 से 65 वर्ष की आयु के आठ पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। उन पर आरोप था कि उन्होंने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पत्नी के जन्म से पुरुष होने का झूठा दावा करते हुए ऑनलाइन कई दुर्भावनापूर्ण टिप्पणियां कीं तथा उनके पति के साथ उम्र के 24 साल के अंतर को बाल यौन शोषण से जोड़ा। इनमें से कुछ पोस्ट हजारों बार देखी गईं।
ब्रिजिट मैक्रों अक्टूबर में हुई दो दिवसीय सुनवाई में शामिल नहीं हुईं। रविवार को राष्ट्रीय टेलीविजन चैनल टीएफ1 पर उन्होंने कहा कि उन्होंने उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई में एक उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की है। उनकी बेटी टीफेन औजियर ने गवाही देते हुए कहा कि ऑनलाइन उत्पीड़न बढ़ने के बाद से उनकी मां काफी परेशान रही हैं। औजियर ने अदालत से कहा कि वह अपने बारे में कही गई भयानक बातों को अनदेखा नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि इसका असर मैक्रों के पोते-पोतियों सहित पूरे परिवार पर पड़ा है।
बता दें कि मैक्रों दंपति की शादी 2007 में हुई थी। वे पहली बार हाईस्कूल में मिले थे, जहां मैक्रों छात्र थे और ब्रिजिट मैक्रों शिक्षिका थीं। अपने पति से 24 साल बड़ी ब्रिजिट उस समय ब्रिजिट औजियर कहलाती थीं और तीन बच्चों की विवाहित मां थीं। इमैनुएल मैक्रों 48 वर्ष के हैं और 2017 से फ्रांस के राष्ट्रपति हैं।

लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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