Hindi Newsविदेश न्यूज़Former Japanese PM Shinzo Abe assassinater gets life in prison
पूर्व जापानी PM के हत्यारे को उम्रकैद की सजा, 3 साल पहले आबे की मौत से दहल उठी थी दुनिया

पूर्व जापानी PM के हत्यारे को उम्रकैद की सजा, 3 साल पहले आबे की मौत से दहल उठी थी दुनिया

संक्षेप:

45 साल के तेत्सुया यामागामी ने जुलाई 2022 में आबे की हत्या करने की बात कबूल की थी। आबे उस वक्त पश्चिमी जापान के नारा शहर में चुनाव प्रचार के दौरान भाषण दे रहे थे, तभी उन पर गोली चलाई गई थी।

Jan 21, 2026 12:15 pm ISTJagriti Kumari एपी
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जापान की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के हत्यारे को उम्रकैद की सजा सुनाई है। देश के स्थानीय समाचार चैनल NHK के मुताबिक बुधवार को अदालत ने यह सुनाया है। इससे पहले 45 साल वर्षीय आरोपी तेत्सुया यामागामी ने जुलाई 2022 में आबे की हत्या करने की बात कबूल की थी। शिंजो आबे तब पश्चिमी जापान के नारा शहर में चुनाव प्रचार के दौरान भाषण दे रहे थे। तभी अचानक उन पर गोली चला दी गई । इस घटना ने ना सिर्फ जापान बल्कि पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया था।

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यामागामी ने अक्टूबर में शुरू हुए ट्रायल में हत्या का जुर्म कबूल किया था। नारा जिला अदालत ने उसे दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। बचाव पक्ष ने सजा को 20 साल तक सीमित रखने की अपील की थी, जिसे अदालत ने ठुकरा दिया।

चर्च के प्रति नफरत बताई वजह

इस केस के दौरान जापान की सत्तारूढ़ पार्टी और एक विवादित दक्षिण कोरियाई चर्च के बीच पुराने रिश्तों का भी खुलासा हुआ है। यामागामी ने अदालत में कहा कि उसने आबे को एक वीडियो मैसेज के कारण निशाना बनाया। आरोपी ने बताया कि उसका मकसद चर्च को नुकसान पहुंचाना और उसके साथ चर्च के राजनीतिक रिश्तों को उजागर करना था। उसने कहा कि आबे उस रिश्ते का सबसे बड़ा प्रतीक थे।

घटना के बाद उठे सवाल

इस घटना के बाद सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और चर्च के बीच नजदीकी रिश्तों पर कई सवाल उठे। इसके बाद पार्टी ने चर्च से दूरी बनाई है। वहीं जांच के बाद अदालत ने चर्च की जापानी शाखा से टैक्स छूट का दर्जा भी छीन लिया और उसे भंग करने का आदेश दिया।

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8 जुलाई 2022 को क्या हुआ?

8 जुलाई 2022 को आबे नारा के एक रेलवे स्टेशन के बाहर भाषण दे रहे थे। तभी टीवी फुटेज में दो गोलियों की आवाज सुनाई दी। आबे जमीन पर गिर पड़े और उनकी शर्ट खून से लाल हो गई। अधिकारियों के मुताबिक उनकी मौत लगभग तुरंत हो गई थी। वहीं अधिकारियों ने रेवयामागामी को मौके से ही पकड़ लिया गया था। आरोपी ने बताया कि वह पहले चर्च के नेता को मारना चाहता था, लेकिन उनके करीब पहुंचना मुश्किल था इसलिए उसने आबे को निशाना बनाया। उसने आबे की पत्नी अकीए आबे से अदालत में माफी भी मांगी और कहा कि उसका परिवार से कोई निजी विवाद नहीं था।

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari
जागृति ने 2024 में हिंदुस्तान टाइम्स डिजिटल सर्विसेज के साथ अपने करियर की शुरुआत की है। संत जेवियर कॉलेज रांची से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन करने बाद, 2023-24 में उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा हासिल किया। खबरें लिखने के साथ साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय संबंध, खेल और अर्थव्यवस्था की खबरों को पढ़ना पसंद है। मूल रूप से रांची, झारखंड की जागृति को खाली समय में सिनेमा देखना और सिनेमा के बारे में पढ़ना पसंद है। और पढ़ें

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