तो राज ही रह जाएगी फ्लाइट एमएच 370? खोज अभियान का क्या निकला नतीजा; 12 साल की मिस्ट्री

Mar 08, 2026 03:08 pm ISTDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, कुआलालंपुर
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विमान पर सवार 239 यात्री, 12 साल पुराना रहस्य, क्या हमेशा की लिए राज ही रह जाएगा? यह सवाल जुड़ा है मलेशियाई एयरलाइंस के लापता विमान एमएच 370 के साथ। इस लापता विमान की तलाश के लिए ताजा प्रयासों में भी सफलता नहीं मिली है।

तो राज ही रह जाएगी फ्लाइट एमएच 370? खोज अभियान का क्या निकला नतीजा; 12 साल की मिस्ट्री

विमान पर सवार 239 यात्री, 12 साल पुराना रहस्य, क्या हमेशा की लिए राज ही रह जाएगा? यह सवाल जुड़ा है मलेशियाई एयरलाइंस के लापता विमान एमएच 370 के साथ। इस लापता विमान की तलाश के लिए ताजा प्रयासों में भी सफलता नहीं मिली है। पानी के भीतर खोज कर रही अमेरिकी समुद्री रोबोटिक्स कंपनी ओशन इनफिनिटी ने एक बार फिर हाथ खड़े कर दिए हैं। इसके साथ ही विमान के साथ गायब हुए लोगों के परिजन आज भी अपनों को लेकर तमाम सवाल कर रहे हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पानी के नीचे चलने वाले वाहनों की निरंतर तैनाती और व्यापक सर्वेक्षण कवरेज के बावजूद, अब तक के खोज अभियानों में कोई महत्वपूर्ण खोज या निर्णायक परिणाम प्राप्त नहीं हुआ है।

क्या हुआ था
आठ मार्च 2014 की सुबह, मलेशिया एयरलाइंस का बोइंग 777-200 विमान (फ्लाइट एमएच 370) कुआलालंपुर से बीजिंग के लिए रवाना हुआ था। इसमें 227 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य सवार थे। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद यह रडार से गायब हो गया। माना जाता है कि विमान दक्षिण हिंद महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, लेकिन व्यापक तलाशी अभियानों के बाद भी आज तक इसके दुर्घटना स्थल का सटीक पता नहीं चल सका है। मलेशियाई परिवहन मंत्रालय ने 3 दिसंबर, 2025 को इस वर्तमान 55 दिवसीय अभियान की अनुमति दी थी।

लगातार चला सर्च ऑपरेशन
सिंगापुर के ध्वज वाले जहाज अर्मडा ने छह जनवरी से 15 जनवरी के बीच, लगभग 7,236.40 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की मैपिंग की। पहले इस अभियान के पूरा होने की तारीख 16 जनवरी तय की गई थी, लेकिन सर्वेक्षण क्षेत्र को अधिकतम करने और परिचालन संबंधी कारणों से इसे बढ़ाकर 24 जनवरी कर दिया गया। डूबे हुए हवाई जहाज के खोज अभियान में तीन बेहद खास पानी नीचे चलने वाले वाहनों हयूजिन एयूवी का उपयोग किया जा रहा है। इससे 14 जनवरी को एक ही दिन में सबसे अधिक 870.91 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर किया गया। अब यह अभियान 7वीं आर्क के दक्षिणी हिस्से में केंद्रित है। यह वह भौगोलिक सीमा है जिसे उपग्रह संचार से मिली जानकारी के आधार पर विमान की अंतिम संभावित स्थिति माना गया है।

किन देशों के यात्री थे सवार
इस विमान में दो तिहाई यात्री चीन के थे। वहीं, अन्य लोगों में मलेशियाई, इंडोनेशियाई और ऑस्ट्रेलियन नागरिक थे। इसके अलावा यात्रियों में भारतीय, अमेरिकी, डच और फ्रेंच नागरिक भी सवार थे। चीनी यात्रियों के परिवार ने रविवार को एक ओपन लेटर प्रकाशित किया। इसमें उन्होंने हालिया सर्च के दौरान मिली जानकारी को उनसे न साझा किए जाने की आलोचना की। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को संबोधित इस पत्र में रिश्तेदारों ने कहाकि वह इस अभियान की कठिनाई समझते हैं, लेकिन इस साल 15 जनवरी के बाद से परिजनों को कुछ भी जानकारी नहीं मिली है।

बीजिंग में परिजनों को मिला मुआवजा
बीजिंग की एक अदालत ने मलेशिया एयरलाइंस को एमएच370 उड़ान के लापता यात्रियों के आठ परिजनों को 29-29 लाख युआन (लगभग 4.10 लाख डॉलर) का मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि एयरलाइन को प्रत्येक परिवार को अपने प्रियजन की मृत्यु, अंतिम संस्कार खर्च और मानसिक पीड़ा के लिए क्षतिपूर्ति देनी होगी। यात्रियों के साथ क्या हुआ, यह अब भी अज्ञात है, लेकिन उन्हें कानूनी रूप से मृत घोषित किया जा चुका है। अदालत ने कहा कि अन्य 23 मामलों पर सुनवाई जारी है, जबकि 47 मामलों में परिजन एयरलाइन के साथ समझौते पर पहुंच चुके हैं और उन्होंने अपने मुकदमे वापस ले लिए हैं।

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मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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