
अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर भारी गोलीबारी, 5 लोगों की मौत; तुर्की में वार्ता पर असर
पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान पर आरोप लगाता रहा है कि वहां की तालिबान सरकार पाकिस्तान तालिबान (टीटीपी) जैसे उग्रवादी संगठनों को पनाह दे रही है, जो पाकिस्तान में आतंकी हमले करते हैं।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच गुरुवार को सीमावर्ती इलाके में हुई गोलीबारी में पांच लोगों की मौत हो गई और छह लोग घायल हुए। अफगानिस्तान के दक्षिणी कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक जिला अस्पताल के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। घटना के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर गोलीबारी शुरू करने का आरोप लगाया है। यह हिंसा उस समय हुई जब दोनों देशों के बीच तुर्की में चल रही संघर्षविराम वार्ताएं अपने अंतिम चरण में थीं। इन वार्ताओं का उद्देश्य हाल के महीनों में बढ़े सीमा विवाद और झड़पों को समाप्त करना था।
विवाद की जड़ - सुरक्षा और आतंकवाद के आरोप
पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान पर आरोप लगाता रहा है कि वहां की तालिबान सरकार पाकिस्तान तालिबान (टीटीपी) जैसे उग्रवादी संगठनों को पनाह दे रही है, जो पाकिस्तान में आतंकी हमले करते हैं। हालांकि, तालिबान प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। स्पिन बोल्डक अस्पताल के अधिकारी ने बताया कि आज की गोलीबारी में पांच लोगों की मौत हुई है जिनमें चार महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं जबकि छह लोग घायल हुए हैं। पाकिस्तानी पक्ष से किसी हताहत की तत्काल जानकारी नहीं मिली है।
दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप
तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि जब तुर्की में पाकिस्तान के साथ वार्ताओं का तीसरा दौर जारी था, उसी समय पाकिस्तानी बलों ने स्पिन बोल्डक पर गोलीबारी शुरू कर दी। इस्लामिक अमीरात की सेनाओं ने बातचीत का सम्मान करते हुए और नागरिक हताहतों से बचने के लिए कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
वहीं पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हम अफगान पक्ष द्वारा लगाए गए झूठे आरोपों को सख्ती से खारिज करते हैं। गोलीबारी अफगान पक्ष की ओर से शुरू की गई, जिसके जवाब में हमारी सेनाओं ने संयमित और जिम्मेदार प्रतिक्रिया दी।
स्थिति नियंत्रण में- पाकिस्तान
अफगान उप-प्रवक्ता हामिदुल्लाह फिटरत ने बताया कि पाकिस्तान ने हल्के और भारी हथियारों से नागरिक इलाकों को निशाना बनाया, हालांकि गोलीबारी करीब 10 से 15 मिनट तक ही चली। पाकिस्तान ने दावा किया कि अब स्थिति नियंत्रण में है और संघर्षविराम कायम है।
सूचना मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तानी बलों की जिम्मेदार कार्रवाई के चलते स्थिति को नियंत्रण में लाया गया और संघर्षविराम अब भी बरकरार है। पाकिस्तान बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है और अफगान प्रशासन से भी यही अपेक्षा करता है।
तुर्की में वार्ता पर असर
इस्तांबुल में चल रही वार्ताओं में पिछले सप्ताह संघर्षविराम के अंतिम बिंदुओं पर सहमति नहीं बन पाई थी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर असहयोग का आरोप लगाया और चेतावनी दी थी कि असफलता की स्थिति में संघर्ष फिर शुरू हो सकता है।
तुर्की ने पिछले सप्ताह के अंत में कहा था कि दोनों पक्षों ने शांति बनाए रखने और उल्लंघन करने वालों को दंडित करने के लिए एक निगरानी एवं सत्यापन तंत्र बनाने पर सहमति जताई है।
पिछले महीने की हिंसा
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर में अफगान सीमा क्षेत्र में एक सप्ताह की झड़पों में 50 नागरिकों की मौत हुई थी और 447 लोग घायल हुए थे। उसी दौरान काबुल में हुए विस्फोटों में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई थी। पाकिस्तानी सेना ने भी बताया था कि उसके 23 सैनिक मारे गए और 29 घायल हुए, हालांकि नागरिक हताहतों का उल्लेख नहीं किया गया था।

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