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धुरंधर फिल्म के सदस्यों पर FIR तो मुमकिन ही नहीं है, पाक पुलिस ने खड़े किए हाथ; अदालत में बताई वजह

धुरंधर फिल्म के सदस्यों पर FIR तो मुमकिन ही नहीं है, पाक पुलिस ने खड़े किए हाथ; अदालत में बताई वजह

संक्षेप:

पुलिस ने यह रिपोर्ट PPP के कार्यकर्ता मोहम्मद आमिर द्वारा दायर उस अर्जी के जवाब में पेश की है, जिसमें उन्होंने फिल्म के निर्देशक, निर्माता और अन्य क्रू सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की थी।

Dec 24, 2025 07:04 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, कराची
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बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म धुरंधर को लेकर पाकिस्तान में शुरू हुआ विवाद अब अदालत में ठंडा पड़ता नजर आ रहा है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के एक कार्यकर्ता द्वारा फिल्म के निर्देशक आदित्य धर, अभिनेता रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना और अन्य क्रू मेंबर्स के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर पाकिस्तानी पुलिस ने अदालत में अपना जवाब सौंप दिया है। पुलिस ने स्पष्ट कहा कि FIR दर्ज करना कानूनी रूप से संभव नहीं है।

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पुलिस ने यह रिपोर्ट PPP के कार्यकर्ता मोहम्मद आमिर द्वारा दायर उस अर्जी के जवाब में पेश की है, जिसमें उन्होंने फिल्म के निर्देशक, निर्माता और अन्य क्रू सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की थी। दारखशां थाने के SHO ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि सभी नामित आरोपी भारतीय नागरिक हैं और उनकी न तो पाकिस्तान में कोई आवासीय मौजूदगी है, न ही व्यवसायिक या कानूनी उपस्थिति।

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक विवादित फिल्म का निर्माण, फिल्मांकन और रिलीज सब भारत में हुआ है। कथित सभी कृत्य पाकिस्तान के क्षेत्राधिकार से बाहर हुए हैं। ऐसा कोई साक्ष्य या सामग्री सामने नहीं आई है, जिससे यह साबित हो कि फिल्म को पाकिस्तान में प्रदर्शित किया गया, प्रसारित किया गया या किसी भी रूप में उपलब्ध कराया गया। SHO ने आगे कहा कि आवेदक यह भी स्पष्ट करने में विफल रहा कि दारखशां पुलिस स्टेशन या पाकिस्तान के किसी अन्य हिस्से में किसी संज्ञेय अपराध का घटित होना कैसे बनता है।

पुलिस ने यह भी बताया कि आवेदक से उसके आरोपों के सत्यापन के लिए कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद वह जांच के दौरान पुलिस के समक्ष पेश नहीं हुआ। पुलिस ने सुझाव दिया कि याचिका में कोई दम नहीं है और इसे खारिज कर देना चाहिए। SHO ने कहा कि याचिकाकर्ता ने आरोपों को सत्यापित करने में भी असफल रहे।

गौरतलब है कि मोहम्मद आमिर ने पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने से इनकार किए जाने के बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उनकी दलील थी कि फिल्म के ट्रेलर में PPP को आतंकवादियों के प्रति सहानुभूति रखने वाला दिखाया गया है और लियारी को आतंकी युद्ध क्षेत्र के रूप में पेश किया गया है। उनका दावा था कि यह चित्रण उकसाने वाला, भ्रामक और हानिकारक है, जिससे देश और उसके लोगों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है।

आवेदन में यह भी कहा गया कि उन्होंने फिल्म का आधिकारिक ट्रेलर और प्रचार सामग्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर देखी, जिसमें बेनजीर भुट्टो की तस्वीरों के साथ PPP का झंडा और रैली के दृश्य बिना कानूनी अनुमति के इस्तेमाल किए गए। अदालत अब पुलिस की रिपोर्ट और आवेदक की दलीलों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी।

पाकिस्तान और कई खाड़ी देशों (बहरीन, कुवैत, ओमान आदि) में फिल्म को एंटी-पाकिस्तान बताकर बैन कर दिया गया। बावजूद इसके, पाइरेसी के जरिए फिल्म पाकिस्तान में बेहद लोकप्रिय हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 20 लाख से ज्यादा अवैध डाउनलोड हुए। फिल्म का एक गाना FA9LA भी वायरल हुआ, जिस पर बिलावल भुट्टो जरदारी की एंट्री का वीडियो वायरल होने से मजाक उड़ा।

धुरंधर भारत में बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। आलोचकों ने रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना के अभिनय, एक्शन और प्रोडक्शन की तारीफ की है। फिल्म कथित तौर पर भारतीय खुफिया एजेंसियों के गुप्त ऑपरेशनों और कराची के गैंगवार से प्रेरित है।

Amit Kumar

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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