इजरायल में आ सकती है कयामत, गैस कांड की आशंका; ईरान ने केमिकल प्लांट फूंका

Nisarg Dixit हिन्दुस्तान टीम
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वीडियो और तस्वीरों में आग का बड़ा गोला और भारी काला धुआं दिखाई दे रहा है, जबकि अग्निशमन कर्मी आग को फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले, इजरायली सेना ने कहा था कि उसने ईरान से दागी गई मिसाइलों का पता लगाया है।

इजरायल में आ सकती है कयामत, गैस कांड की आशंका; ईरान ने केमिकल प्लांट फूंका

युद्ध को बातचीत के जरिए खत्म करने की कोशिशों के बीच ईरान और इजरायल ने एक दूसरे पर भीषण हमले जारी रखे हैं। ईरान ने दक्षिणी इजरायल में रविवार को एक केमिकल प्लांट पर मिसाइल से हमला किया। इस हमले के बाद प्लांट में भीषण आग लग गई है। इससे इलाके में जहरीले रिसाव का खतरा पैदा हो गया है। वहीं, इजरायल ने रविवार तड़के तेहरान पर बमबारी की।

चीनी कंपनी का हिस्सा है प्लांट

चीनी स्वामित्व वाले सिनजेंटा ग्रुप का हिस्सा एडीएएमए ने कहा कि संयंत्र को हुए नुकसान की सीमा का अभी पता नहीं चल पाया है। कृषि रसायनों और फसल सुरक्षा सामग्री बनाने वाली कंपनी एडीएएमए ने कहा कि उसके 'मख्तेशिम प्लांट' पर हमला किया गया है। फिलहाल जांच कर रहे हैं कि सीधे मिसाइल गिरी है या इंटरसेप्ट की गई मिसाइल का मलबा गिरा है। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

इजरायल की 'अग्नि शमन एवं बचाव सेवा' ने बताया कि ईरानी मिसाइल हमले के बाद दक्षिणी इजरायल के एक औद्योगिक क्षेत्र में आग लग गई, जहां कई रासायनिक और औद्योगिक संयंत्र स्थित हैं। संभावना जताई जा रही है कि यह आग हवा में मार गिराई गई मिसाइल के मलबे से लगी है।

लोगों से दूर रहने का आग्रह

विभाग ने जनता से नियोत होवाव औद्योगिक क्षेत्र से दूर रहने का आग्रह किया है क्योंकि वहां जहरीले रसायन मौजूद हैं। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 34 टीमें काम कर रही हैं। विभाग ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र से 800 मीटर की दूरी के बाहर जनता के लिए कोई खतरा नहीं है।

बयान में कहा गया, आस-पास के निवासियों को घरों के अंदर रहने, खिड़कियां और वेंटिलेशन बंद रखने और सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया गया है, जब तक कि घटना पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पा लिया जाता।

हमले के बाद दिखा आग और काला धुआं

दमकल सेवा द्वारा जारी वीडियो और तस्वीरों में आग का बड़ा गोला और भारी काला धुआं दिखाई दे रहा है, जबकि अग्निशमन कर्मी आग को फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले, इजरायली सेना ने कहा था कि उसने ईरान से दागी गई मिसाइलों का पता लगाया है। नियोत होवाव क्षेत्र दक्षिणी इजरायल के सबसे बड़े शहर बीयर शेवा से लगभग 13 किमी दूर स्थित है। इस क्षेत्र में कई इजरायली सैन्य ठिकाने भी मौजूद हैं। पिछले सप्ताहांत, ईरानी मिसाइलों ने अराद और डिमोना के दक्षिणी शहरों पर हमला किया था, जिसमें दर्जनों लोग घायल हुए थे। यह अब तक इजरायली धरती पर अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के सबसे भीषण हमलों में से एक था।

कुवैत में सैन्य शिविर पर हमला, 10 सैनिक घायल

उधर ईरान ने कुवैत में भी सैन्य शिविर पर हमला किया है। जिसमें 10 सैनिक घायल हुए हैं। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में कुवैत के हवाई क्षेत्र में 14 बैलिस्टिक मिसाइलें और 12 ड्रोन दागे गए हैं। हमले में शिविर में काफी नुकसान हुआ है।

ईरान के इस्फहान के विश्वविद्यालय पर हमला

इजरायल ने ईरान के बीच शहर इस्फहान में स्थित इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी पर रविवार को हवाई हमले किए। यह दूसरी बार है जब इस विश्वविद्यालय पर हमला हुआ।

यूनिवर्सिटी ने फार्स न्यूज एजेंसी को दिए बयान में कहा कि दोपहर करीब 2 बजे(स्थानीय समय) विश्वविद्यालय को दूसरी बार निशाना बनाया गया। यूनिवर्सिटी के एक रिसर्च इंस्टीट्यूट पर हुए इस हमले से कई दूसरी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा और यूनिवर्सिटी के चार कर्मचारियों को मामूली चोटें आईं।

ईरान जवाबी हमले की धमकी दी

ईरान ने विश्वविद्यालय पर हमले के जवाब में इजरायल और अमेरिका की यूनिवर्सिटी पर हमले की धमकी दी है। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के विश्वविद्यालय की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी गई, तो ईरान इस इलाके में मौजूद इजरायली और अमेरिकी विश्वविद्यालयों को निशाना बनाएगा। अमेरिका के कई कॉलेजों, जिनमें जॉर्जटाउन, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी और नॉर्थवेस्टर्न के कैंपस कतर और संयुक्त अरब अमीरात में हैं।

गार्ड ने कहा, अगर अमेरिकी सरकार चाहती है कि इस इलाके में मौजूद उसकी यूनिवर्सिटीज सुरक्षित रहें, तो उसे सोमवार(30 मार्च) को दोपहर 12 बजे तक ईरानी यूनिवर्सिटीज पर हुई बमबारी की निंदा करनी चाहिए।

उसने यह भी मांग की कि अमेरिका, इजरायल को ईरानी यूनिवर्सिटीज और रिसर्च सेंटर्स पर हमला करने से रोके। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने शनिवार को बताया था कि दर्जनों यूनिवर्सिटीज और रिसर्च सेंटर्स पर हमले हुए हैं।

यूएई पर दागी गई 16 बैलिस्टिक मिसाइलें

संयुक्त अरब अमीरात पर रविवार को ईरान ने 16 बैलिस्टिक मिसाइलें दांगी, जबकि 42 ड्रोन ने भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।हालांकि इन सभी एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार कोई भी नुकसान नहीं हुआ है।

बंदर ए खमीर बंदरगाह पर हमला, पांच मारे गए

ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर-ए-खमीर पर हुए हमले में पांच लोग मारे गए और दो पोत भी नष्ट हो गए। इजरायल ने ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपने अभियान के तहत लेबनान में भी ठिकानों पर हमला किया। रविवार की सुबह सेना ने बताया कि लेबनान में लड़ाई के दौरान उसका एक सैनिक मारा गया।

ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के एल्युमीनियम संयंत्र पर हमले किए, आठ घायल

ईरानी सेना ने बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में दुनिया के दो सबसे बड़े एल्युमीनियम उत्पादकों के संयंत्रों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। ईरान ने इन उद्योगों को अमेरिकी सेना से जुड़ा हुआ बताया।

Israel

एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमीनियम (ईजीए) ने कहा कि ईरान के हमले में छह लोग घायल हो गए और उसके संयंत्र को काफी नुकसान पहुंचा, जबकि बहरीन के सरकारी मीडिया ने कहा कि दूसरे हमले में एल्युमीनियम बहरीन के दो कर्मचारी घायल हो गए।

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लेखक के बारे में

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निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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