टूट गई भारत-अमेरिका की ट्रेड डील? अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बता दी पूरी सच्चाई
क्या भारत और अमेरिका की ट्रेड डील टूट गई है? क्या दोनों देशों के बीच इस डील को लेकर कुछ मतभेद हुआ है? इसको लेकर अमेरिका की तरफ से आया है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर सोमवार को इस बारे में आ रही सभी रिपोर्ट्स को नकार दिया है।

क्या भारत और अमेरिका की ट्रेड डील टूट गई है? क्या दोनों देशों के बीच इस डील को लेकर कुछ मतभेद हुआ है? इसको लेकर अमेरिका की तरफ से आया है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर सोमवार को इस बारे में आ रही सभी रिपोर्ट्स को नकार दिया है। गोर ने बताया कि दोनों में से किसी पक्ष ने डील से इनकार नहीं किया है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच हाल के दिनों हुई सभी बैठकें, पूरी तरह से सकारात्मक रही हैं। गोर ने इसको लेकर एक्स पर एक पोस्ट किया और ऐसी खबरों को फेक न्यूज बताया।
एक्स पर लिखी पोस्ट
भारत-अमेरिका डील के संदर्भ में सर्जियो गोर ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, ‘फेक न्यूज अलर्ट! किसी ने कुछ भी रिजेक्ट नहीं किया है।’ उन्होंने आगे लिखा कि दोनों पक्षों के बीच बहुत ही सकारात्मक ढंग से बैठक हो रही है। दोनों पक्ष ट्रेड डील को फाइनल करने के लिए अपने कमिटमेंट पर कायम हैं। उन्होंने लिखा कि हम पूरी सक्रियता के साथ लगे हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने समाचार एजेंसी रॉयटर्स पर भी तंज कसा और लिखा, आप और बेहतर कर सकते हैं।
भारत ने भी खारिज की रिपोर्ट
वहीं, भारतीय सरकार ने यह रिपोर्ट भी खारिज कर दी कि वह व्यापार समझौते में देरी कर रही है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ऐसे दावों को पूरी तरह से झूठा, बिना किसी आधार और भ्रामक बताया। गोयल ने कहाकि भारत और अमेरिका व्यापार वार्ताओं में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। समझौता करने की दिशा में काफी प्रगति हुई है। उन्होंने यह सुझाव भी खारिज किए कि नई दिल्ली ने वॉशिंगटन के साथ ट्रेड डील से पीछे हट गई या जानबूझकर देरी की। गोयल ने कहाकि रॉयटर्स की रिपोर्ट में किए गए दावे पूरी तरह से झूठे, आधारहीन और भ्रामक हैं। गोर की टिप्पणी गोयल के खंडन के बाद आई है, दोनों ने इस सुझाव को खारिज कर दिया कि भारत ने अमेरिका के साथ एक त्वरित व्यापार समझौते को ठुकरा दिया है।
रिपोर्ट में क्या कहा गया था
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अमेरिका और भारत की ट्रेड डील पर खबर दी थी। इसमें कहा गया था कि दोनों देशों ने बेहतर शर्तों की तलाश में यह ट्रेड डील अस्वीकार कर दी है। खबर में दावा किया गया था कि भारत नए ट्रेडिंग पार्टनर से भरोसा खो रहा है। वह आर्थिक खतरों को कम करना चाहता है, ताकि अपने देश में इसका राजनीतिक फायदा उठा सके। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि भारत और अमेरिका, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेसिसन ग्रीयर के भारत दौरे के दौरान अंतरिम समझौते की शर्तों को फाइनल करने में असफल रहे।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि एक भारतीय सरकारी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि वॉशिंगटन ने दो मुख्य मांगों पर कोई आश्वासन नहीं दिया है। इसमें चीन जैसे प्रतिस्पर्धियों पर टैरिफ लाभ और एक बार समझौता करने के बाद नए अमेरिकी शुल्कों से सुरक्षा, महत्वपूर्ण था। अधिकारी ने आगे बताया कि भारत का इरादा किसी अनुकूल न होने वाले समझौते में जल्दबाजी करना या कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में समझौता करना नहीं है।
लेखक के बारे में
Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


